दो दशक पहले चार साल की उम्र में हाथी अख्तौम, कानी और मीना को बुर्किना फासो से ट्यूनीशिया के एक चिड़ियाघर फ्रिगुइया पार्क में स्थानांतरित कर दिया गया था। अब इन हाथियों को भारत लाने के लिए सभी कानूनी प्रक्रिया पूरी कर ली गई है।
वन्य जीवों के प्रति करुणा और दया का भाव दिखाते हुए एक बार फिर अंबानी परिवार तीन अफ्रीकी हाथियों की देखभाल का जिम्मा उठाएगा। ट्यूनीशिया के एक निजी चिड़ियाघर में संसाधनों के अभाव में भोजन, आवास और चिकित्सा के संकट से जूझ रहे तीनों अफ्रीकी हाथियों को जामनगर के वंतारा वन्य जीव केंद्र लाया जाएगा। इनमें दो मादा और एक पर हाथी शामिल हैं। जिनकी उम्र 28 से 29 वर्ष है।
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बताया जाता है कि दो दशक पहले चार साल की उम्र में हाथी अख्तौम, कानी और मीना को बुर्किना फासो से ट्यूनीशिया के एक चिड़ियाघर फ्रिगुइया पार्क में स्थानांतरित कर दिया गया था। अब इन हाथियों को भारत लाने के लिए सभी कानूनी प्रक्रिया पूरी कर ली गई है। हाथियों को कार्गो विमान के जरिये भारत लाया जाएगा।
ट्यूनीशिया के फ्रिगुइया पार्क में पैदा हुए आर्थिक संकट ने चिड़ियाघर को प्रभावित करना शुरू कर दिया है। इसके चलते तीन अफ्रीकी वन हाथियों को अन्य जगह भेजने का फैसला लिया गया। चिड़ियाघर प्रशासन का मानना है कि सालों की कैद और मानव देखभाल के बाद भी हाथियों की जंगल में वापसी संभव नहीं थी। उन्हें ऐसी सुविधा की तलाश थी, जो हाथियों को शांतिपूर्ण वातावरण दे सके। इसलिए वंतारा का चयन किया गया।
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इसके बाद वंतारा के पशु चिकित्सा विशेषज्ञों ने हाथियों की जांच की तो पाया कि वे शारीरिक रूप से कमजोर हैं। उनके बाल झड़ने लगे हैं और त्वचा उलझ गई है। अख्तौम का दांत फटा है और संक्रमण है। जबकि कानी के नाखून टूटे हैं। वंतारा में हाथियों के लिए विशेष इंतजाम किए गए हैं। उनके लिए बेहतर बाड़ा बनाया गया है। यहां उनको ऐसा वातावरण मिलेगा जो उनके जंगली निवास स्थान से काफी मिलता-जुलता है।