बरेली कॉलेज में चल रहे सेमिनार के दौरान बीएचयू के हिंदी विभाग के पूर्व विभागाध्यक्ष रिटायर्ड प्रोफेसर डॉ. चौथीराम यादव की आरएसएस प्रमुख पर टिप्पणी ने बवाल करा दिया। उन्होंने विषयांतर करते हुए पहले भाजपा नेताओं पर तीर चलाए और बाद में कह दिया कि मोहन भागवत आतंक को बढ़ावा दे रहे हैं। इसके बाद वहां मौजूद आगरा और मुरादाबाद के प्रोफेसरों ने विरोध कर दिया और मंच पर ही आने से इंकार कर दिया। मामले की जानकारी जब एबीवीपी कार्यकर्ताओं को हुई तो वे पहुंच गए और हंगामा करते हुए तोड़फोड़ कर दी। प्राचार्य व चीफ प्राक्टर को घेरकर धक्का मुक्की की गई। चौथीराम को किसी तरह पिछले दरवाजे से निकाला गया। बवाल की सूचना पर बड़ी संख्या में पुलिस पहुंच गई। घंटों हंगामे के बाद प्रोफेसर के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया तब हंगामा शांत हुआ।
बरेली कॉलेज में रविवार को सभागार कक्ष में दोपहर के समय ‘हिन्दी साहित्य के विकास में सूचना एवं तकनीकी के योगदान’ विषय पर सेमीनार का आयोजन किया गया था। दोपहर करीब ढाई बजे उद्घाटन सत्र में ही काशी हिंदू विश्वविद्यालय के सेवानिवृत्त चौथीराम यादव ने पहले तो कुछ देर विषय पर बोला लेकिन बाद में उन्होंने कहा कि मोदी जैसे नेता विदेशों में जाते हैं तो गांधी व अन्य नेताओं की प्रतिमाओं पर माल्यार्पण करते हैं क्योंकि वो जानते हैं कि देश की पहचान महात्मा गांधी जैसे लोगों से है। जब अपने देश में आते हैं तो उनके हत्यारों की प्रतिमा पर माल्यार्पण करते हैं। बाद में कहा कि यह देश डिजिटलाइजेशन नहीं अंधकार युग में जा रहा है और आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत जैसे लोग आतंकवाद को बढ़ावा दे रहे हैं। उनके यह कहते ही वहां मौजूद आगरा के प्रोफेसर डा. धर और मुरादाबाद के एमएच कॉलेज के प्रिंसिपल डा. विशेष गुप्ता ने विरोध कर दिया और मंच पर जाने से ही इंकार कर दिया।
एबीवीपी से जुड़े तमाम छात्र आनन फानन में कॉलेज पहुंच गए और जमकर हंगामा किया। सभागार कक्ष के बाहर पड़ी कुर्सियां और वाटर कूलर आदि तोड़ दिया गया और छात्र धरने पर बैठकर प्रदर्शन करने लगे। जानकारी पर एसपी सिटी समीर सौरभ समेत काफी पुलिस फोर्स कॉलेज में पहुंच गया। छात्रों ने आरोपी और सेमीनार संयोजकों पर रिपोर्ट दर्ज करने की मांग की। आक्रोश को देखते हुए इसी बीच प्राचार्य सोमेश यादव, चीफ प्राक्टर एसपी मौर्य, आयोजन समिति सचिव डॉ. मीना यादव आदि भी मौके पर पहुंच गए। उन्हें छात्रों ने घेर लिया और धक्का मुक्की की। बाद में डॉ.मीना यादव की ओर से आरोपी प्रोफेसर चौथीराम यादव के खिलाफ एसपी सिटी को तहरीर दी गई। जिस पर मुकदमा दर्ज हुआ तो छात्रों ने हंगामा समाप्त कर दिया।
नहीं उपलब्ध कराई गई वीडियो क्लिपिंग
नहीं उपलब्ध कराई गई वीडियो क्लिपिंग
छात्रों का कहना था कि सेमीनार पर वक्ताओं के बोल की वीडियो क्लिपिंग भी बनाई गई। जिसको पुलिस को देने का कॉलेज प्रशासन पर दबाव बनाया गया, लेकिन यह क्लिपिंग शाम तक उपलब्ध नहीं कराई गई।
सभी ने बंद कर लिए मोबाइल, ढाई घंटे तक चला बवाल
सेमीनार में प्रोफेसर चौथीराम यादव की टिप्पणी के बाद हुए बवाल को देखते हुए कॉलेज प्रशासन से जुड़े सभी लोगों ने अपने मोबाइल फोन बंद कर लिए। पुलिस और अन्य लोगों ने काफी कोशिश की, लेकिन किसी से संपर्क नहीं हो सका। बाद में प्राचार्य पहुंचे तो एक एक कर चीफ प्राक्टर आदि पहुंच गए।
दो बार लिखी गई तहरीर
पहली बार तहरीर लिखकर लाए प्राचार्य ने सब छात्रों को पढ़कर सुनाई, लेकिन इसमें गोलमोल बात लिखी गई थी। विरोध करने पर फिर से तहरीर लिखी गई , जिसमें जिक्र किया गया कि सेमीनार में बोलते हुए प्रो. डॉ. चौथीराम ने मोहन भागवत को आतंकवाद को बढ़ावा देने वाला कहा।
''सेमीनार में प्रोफेसर डॉ. चौथीराम यादव पर मोहन भागवत को आतंकी कहने का आरोप लगाते हुए एबीवीपी कार्यकर्ताओं ने आक्रोश जताया था। कॉलेज प्रशासन की ओर से दी गई तहरीर के आधार पर मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। अभी तक कोई वीडियो क्लिपिंग उपलब्ध नहीं कराई गई है। फिर भी पुलिस अपने स्तर से जांच कर रही है। ''
समीर सौरभ, एसपी सिटी
''मैं सेमीनार में तो मौजूद नहीं था, लेकिन छात्रों ने बीएचयू के रिटायर्ड प्रोफेसर डॉ. चौथीराम पर मोहन भागवत को आतंक को बढ़ावा देने वाले व्यक्ति का आरोप लगाया है। आयोजन समिति की सचिव की ओर से तहरीर दिलाकर रिपोर्ट दर्ज करा दी गई है। ''
सोमेश यादव, प्राचार्य बरेली कॉलेज
प्रोफेसर ने दी सफाई, मांगी माफी
डा. चौथीराम ने अपने बयान में कहा है कि उनके वक्तव्य में कहीं भी मोहन भागवत जी को आतंकवादी नहीं कहा। अतिवाद की चर्चा किसी अन्य संदर्भ में हुई जिसका गलत आशय लिया गया। मोहन भागवत जी को आतंकवादी कहने का तो प्रश्न ही नहीं उठता। फिर भी यदी मेरे कथन से किसी को ठेस पहुंची है तो मैं बिना शर्त माफी मांगता हूं। मैं व्यक्तिगत तौर पर भागवत जी और सभी माहपुरुषों, जन सेवकों का सम्मान करता हूं।