महाछठ पर्व के तीसरे दिन रविवार की शाम को कोलकाता और हावड़ा के गंगा घाट पर हजारों छठ व्रतियों ने डूबते सूरज को पहला अर्ध्य अर्पित किया। कोलकात सहित इसके आसपास के क्षेत्रों हावड़ा, हुगली, उत्तर 24 परगना, आसनसोल समेत बंगाल के विभिन्न हिस्सों में नदियों और कृत्रिम तालाबों के किनारे छठ व्रतियों एवं श्रद्धालुओं का सैलाब उमड़ पड़ा।
इस दौरान पुलिस प्रशासन की ओर से विभिन्न घाटों पर सुरक्षा के भी पुख्ता इंतजाम किए गए थे। कोरोना के बाद इस वर्ष घाटों पर भारी भीड़ के साथ ही गजब का उत्साह दिखने को मिली। विभिन्न तरह के फलों, ठेकुआ व अन्य पकवान एवं जलते दीपक से भरे सूप लिए नदी/तालाब के पानी में खड़ा होकर छठव्रतियों ने भक्ति एवं श्रद्धा के साथ सूर्यदेव का पूजन किया।
सोमवार सुबह छठव्रती उदीयमान यानी उगते सूर्य को अर्घ्य अर्पित करेंगे। इसके साथ चार दिवसीय आस्था के इस महापर्व का समापन हो जाएगा। इसके बाद छठव्रती 36 घंटे का निर्जला उपवास तोड़ प्रसाद ग्रहण करेंगे।