राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ (आरएसएस) ने पहलगाम में बर्बर आतंकी हमले को देश की एकता-अखंडता पर हमला करार देते हुए इसके लिए जिम्मेदार लोगों को हर हाल में सबक सिखाने की मांग की है। आरएसएस ने कहा कि पीड़ितों को वास्तविक न्याय दिलाने के लिए इस घटना के दोषी कट्टरपंथी इस्लामी ताकतों को हर हाल में सबक सिखाना होगा। सरकार एक्शन में दिख रही है। पूरा विश्वास है कि ऐसी ताकतों को उसी की भाषा में जवाब मिलेगा।
संघ के अखिल भारतीय प्रचार प्रमुख सुनील आंबेकर ने कहा पहलगाम में जिस बर्बर ढंग से एक-एक हिंदू की पहचान कर निर्मम हत्या की गई, यह गुस्सा दिलाने वाला है। कट्टरपंथी इस्लामी ताकतों ने षड्यंत्र कर निसहाय, निशस्त्र और निर्दोष पर्यटकों को निशाना बनाया। यह देश की एकता और अखंडता का सवाल है। ऐसे में सारे मतभेद भूलकर देश के लिए एकजुट होने का समय है। आंबेकर ने कहा कि इस हमले के पीड़ितों के लिए व्यवस्था करना और न्याय दिलाना सरकार का दायित्व है। यह तो करना ही चाहिए, मगर वास्तविक न्याय तब होगा, जब इस घटना के दोषी कट्टर इस्लामी ताकतों के खिलाफ उचित और ठोस कार्रवाई होगी।
आतंकी हमले 26 लोगों ने गंवाई जान
पहलगाम की बायसरन घाटी में मंगलवार को आतंकी हमले में 26 पर्यटकों की मौत हो गई, जबकि 17 लोग पर्यटक घायल हैं। आतंकियों ने पर्यटकों को निशाना बनाते हुए गोलीबारी की। आतंकी हमले के बाद बुधवार सुबह से सेना से लेकर एनआईए, पुलिस और अन्य एजेंसियां अलर्ट मोड में हैं। ड्रोन और हेलिकॉप्टर से चप्पे-चप्पे पर निगरानी की जा रही है। साथ ही आतंकियों की तलाश की जा रही है। जम्मू कश्मीर से दिल्ली तक हाई अलर्ट पर है।
हमले के बाद सीसीएस की बैठक
उधर, आतंकी हमले के बाद प्रधानंत्री आवास पर सुरक्षा मामलों की कैबिनेट कमेटी (सीसीएस) की बैठक जारी है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी बैठक की अध्यक्षता कर रहे हैं। बैठक में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, विदेश मंत्री एस जयशंकर, वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजित डोभाल सहित कई शीर्ष अधिकारी मौजूद हैं। बैठक में केंद्र सरकार हमले की जानकारी देगी। इसमें बड़ा फैसला भी लिया जा सकता है।
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