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मौजूदा आरक्षण व्यवस्था से पिछड़ रहे हैं खेल, पुनर्विचार जरूरी: हैदराबाद हाईकोर्ट

Thu, 18 Aug 2016 11:56 PM IST
एजेंसी, हैदराबाद
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हैदराबाद हाईकोर्ट ने कहा है कि अब खेल कोटे पर पुनर्विचार करने का वक्त आ गया है। अदालत मानती है कि उसके पास इस संबंध में कोई संविधानिक आधार नहीं है लेकिन मौजूदा आरक्षण की वजह से खेल और व्यावसायिक शिक्षा बुरी तरह से पिछड़ रहे हैं।
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न्यायाधीश वी रामासुब्रमण्यन और अनीस की पीठ ने 8 अगस्त के अपने निर्णय में एक पिछले मामले का जिक्र करते हुए कहा कि हाईकोर्ट ने साफ-साफ कहा था कि खेल और एनसीसी के होनहार लोगों के लिए आरक्षण किसी संवैधानिक व्यवस्था के तहत नहीं दिए जाते हैं। दरअसल, ऐसे आरक्षण पिछड़े वर्ग, अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति के संवैधानिक अधिकारों में घालमेल करने के लिए ईजाद किए लगते हैं।

पीठ ने यह फैसला एक छात्र की याचिका को खारिज करते हुए सुनाया। उस छात्र को आंध्र प्रदेश सरकार और एनटीआर स्वास्थ्य विज्ञान विश्वविद्यालय ने खेल कोटे के अंतर्गत मेडिकल सीट देने से इंकार कर दिया था।
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