80 फीट ऊंचे तिरंगा और पार्क का निर्माण 128 इन्फेंट्री बटालियन (टीए) राजपूताना राइफल्स इको और जीबीआर मेमोरियल फाउंडेशन ऑफ इंडिया के सहयोग से किया गया। इस इको पार्क को बद्रीनाथ, केदारनाथ, गंगोत्री और यमुनोत्री चारधाम की थीम पर बनाया गया है।
देश के प्रथम सीडीएस स्वर्गीय जनरल बिपिन रावत की यादों को जीवित रखने की दिशा में एक अनोखा प्रयास किया गया है। उत्तराखंड में चारधाम की थीम पर पहला जनरल बिपिन रावत स्मृति तिरंगा पार्क और कैफे बनाया गया है। उत्तराखंड के पौड़ी गढ़वाल के तल्ला बनास गांव में जनरल बिपिन रावत स्मृति तिरंगा पार्क का उद्घाटन तत्कालीन रक्षा एवं पर्यटन राज्य मंत्री अजय भट्ट और जनरल बिपिन रावत की बेटी तारिणी रावत ने किया था।
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80 फीट ऊंचे तिरंगा और पार्क का निर्माण 128 इन्फेंट्री बटालियन (टीए) राजपूताना राइफल्स इको और जीबीआर मेमोरियल फाउंडेशन ऑफ इंडिया के सहयोग से किया गया। इस इको पार्क को बद्रीनाथ, केदारनाथ, गंगोत्री और यमुनोत्री चारधाम की थीम पर बनाया गया है। चार धाम पार्क के साथ बांस का एक वनवास कैफे भी बनाया गया है। वनवास कैफे को पहाड़ी शैली में बांस से बनाया गया है। कैफे में अंदर जाते ही जनरल बिपिन रावत की तस्वीर और उनसे जुड़ी चीजें नजर आती हैं।
खास बात यह है कि इस कैफे में जनरल रावत से जुड़ी चीजें रखी गई हैं। जिसमें उनकी फोटो वाली टी-शर्ट, जैकेट और दूसरे सामान भी शामिल हैं। इसके अलावा पहाड़ी शहद, शहद, गुच्छी मशरूम भी यहां पर उपलब्ध हैं। जनरल बिपिन रावत तिरंगा पार्क तक पहुंचने के लिए पर्यटक ऋषिकेश और हरिद्वार से 10 किलोमीटर की जंगल सफारी का आनंद ले सकते हैं।
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जनरल बिपिन रावत की मूर्ति एवं पार्क का उद्घाटन कुछ समय पहले रक्षा एवं पर्यटन राज्य मंत्री अजय भट्ट एवं जनरल बिपिन रावत की सुपुत्री तारिणी रावत ने किया था। रक्षा राज्यमंत्री अजय भट्ट ने उद्घाटन के मौके पर कहा था कि उत्तराखंड वीरों की भूमि है, यहां से अनेक वीरों ने जन्म लिया है। जिसमें से एक सीडीएस जनरल बिपिन रावत भी थे। उन्होंने जनरल बिपिन रावत को याद करते हुए कहा था कि उन्होंने सेना को एक नए मुकाम तक पहुंचाया है। उनके कार्यकाल में सेना में आधुनिकीकरण हुआ और सेना काफी आगे बढ़ी।
कैफे की संचालिका चेतना नेगी के मुताबिक उत्तराखंड वीरों की भूमि है और यहां से अनेक वीरों ने जन्म लिया है, जिसमें से एक सीडीएस जनरल बिपिन रावत भी एक थे। जनरल रावत हमेशा युवाओं के रोल मॉडल रहे। वे युवाओं को देशभक्ति का पाठ पढ़ाते थे। इस पार्क और कैफे का मकसद स्वर्गीय सीडीएस जनरल बिपिन रावत सोच को युवाओं के बीच जीवित रखना है।