पूर्वी कमान लोगों के जीवन में सार्थक बदलाव लाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। ऑपरेशन सद्भावना और ऑपरेशन सामरितन जैसी योजनाओं ने स्थानीय आबादी के जीवन पर एक अमिट प्रभाव छोड़ा है। चाहे मानवीय सहायता हो, आपदा राहत अभियान हो या कानून-व्यवस्था बहाल करना, कमान ने अपनी सेवा से विश्वास को और मजबूत किया है।
पूर्वोत्तर में अब लगातार हालात सुधर रहे हैं। कई राज्यों के कई जिलों से सशस्त्र बल विशेष अधिकार अधिनियम (अफस्पा) को पिछले दिनों हटाया गया है। पूर्वी कमान पांच विदेशी सीमाओं के साथ सीमा साझा करता हैं, हर तरफ पूरी नजर है और हर परिस्थिति से निपटने के लिए तैयार है। इसके साथ ही सेना अपने सामाजिक दायित्वों का भी बखूबी निर्वहन कर रही है। यह बात आज मुख्यालय पूर्वी कमान की 102वीं स्थापना दिवस पर विजय स्मारक पर वीर जवानों को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए पूर्वी कमान प्रमुख लेफ्टिनेंट जनरल आरपी कलिता ने कही।
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इस दौरान पूर्वी सेना कमांडर ने आश्वासन दिया कि कमान हर समय सक्रिय रूप से तैयार है और किसी भी वर्तमान या भविष्य की चुनौतियों का सामना करने के लिए अपनी क्षमताओं को विकसित करना जारी रखेगी। उन्होंने मुख्यालय पूर्वी कमान के सभी अधिकारियों, सैनिकों और रक्षा नागरिक कर्मचारियों को शुभकामनाएं दीं। कमान के स्थापना दिवस के अवसर पर मुख्यालय के सभी कर्मियों के अथक प्रयासों की सराहना करते हुए उन्होंने सभी से भारतीय सेना की सच्ची परंपराओं में समर्पण और भक्ति के साथ काम करना जारी रखने का आह्वान किया।
कलिता ने कहा, सेना के जवानों में तनाव से जो घटनाएं घट रही है, उनमें कमी आई है। इस पर हम विशेष तौर पर काम कर रहे हैं। हमारी कोशिश रहती है कि ऐसे जवानों को तुरंत काउंसिलिंग दी जाए और फिर तुरंत उनका उपचार किया जाए। इस पर हम लगातार काम कर रहे हैं और इससे घटनाओं में कमी आई है।
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पूर्वी कमान लोगों के जीवन में सार्थक बदलाव लाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। ऑपरेशन सद्भावना और ऑपरेशन सामरितन जैसी योजनाओं ने स्थानीय आबादी के जीवन पर एक अमिट प्रभाव छोड़ा है। चाहे मानवीय सहायता हो, आपदा राहत अभियान हो या कानून-व्यवस्था बहाल करना, कमान ने अपनी सेवा से विश्वास को और मजबूत किया है।