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मुथुरामलिंग थेवर की जयंती: गुरु पूजा पर तमिलनाडु में उमड़ा जनसैलाब; सीएम विजय, स्टालिन समेत नेताओं ने किया नमन

Fri, 30 Oct 2026 10:35 AM IST
अमन मौर्या पीटीआई, रामनाथपुरम, तमिलनाडु

सार

तमिलनाडु में यू मुथुरामलिंग थेवर की 119वीं जयंती और 64वीं गुरु पूजा पर एमके स्टालिन, सीएम विजय समेत कई नेताओं ने श्रद्धांजलि दी। चार जिलों में 18 हजार पुलिसकर्मी तैनात किए गए।
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थेवर जयंती पर उमड़ा जनसैलाब - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
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विस्तार
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स्वतंत्रता सेनानी और आध्यात्मिक नेता यू मुथुरामलिंग थेवर की 119वीं जयंती और 64वीं 'गुरु पूजा' के अवसर पर, शुक्रवार को उनके स्मारक (पासुमपोन में) पर सैकड़ों लोग उन्हें श्रद्धांजलि देने पहुंचे। इस मौके पर कई राजनीतिक नेताओं ने उनकी प्रतिमाओं और स्मारकों पर पुष्पांजलि अर्पित की। डीएमके प्रमुख और पूर्व मुख्यमंत्री एम.के. स्टालिन ने मदुरै के गोरीपालयम में थेवर की प्रतिमा पर श्रद्धांजलि अर्पित की। तमिलनाडु के कानून और ऊर्जा संसाधन मंत्री आर. निर्मल कुमार ने भी राज्य सरकार की ओर से गोरीपालयम में पसुमपोन मुथुरामलिंग थेवर की प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित की। श्रद्धांजलि देने के बाद, निर्मल कुमार पार्टी कार्यकर्ताओं के साथ थेप्पाकुलम पहुंचे, जहां उन्होंने मरुथु पांडियार भाइयों की प्रतिमा पर माला पहनाई। इस दौरान पार्टी कार्यकर्ताओं ने मरुथु पांडियार भाइयों के समर्थन में नारे लगाए।
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मुख्यमंत्री जोसेफ विजय ने दी श्रद्धांजलि
पसुमपोन में थेवर के स्मारक पर कई अन्य राजनीतिक नेताओं ने भी श्रद्धांजलि दी। इनमें तमिलनाडु के मुख्यमंत्री जोसेफ विजय, एआईएडीएमके के महासचिव एडप्पादी के. पलानीस्वामी, 'नाम तमिलर काची' के मुख्य समन्वयक सीमन, एमडीएमके के महासचिव वाइको, एएमएमके के महासचिव टी.टी.वी. दिनाकरन और वी.के. शशिकला शामिल हैं। उपराष्ट्रपति सी.पी. राधाकृष्णन भी स्मारक पर पुष्पांजलि अर्पित करेंगे। दिन में बाद में, उपराष्ट्रपति डिंडीगुल जिले के गांधीग्राम रूरल इंस्टीट्यूट के स्वर्ण जयंती समारोह और दीक्षांत समारोह में हिस्सा लेंगे। शाम को, दिल्ली रवाना होने से पहले, राधाकृष्णन मदुरै के मीनाक्षी अम्मन मंदिर में दर्शन के लिए जाएंगे। थेवर जयंती समारोह को देखते हुए, चार दक्षिणी जिलों (मदुरै, रामनाथपुरम, शिवगंगा और विरुधुनगर) में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं।
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भारी पुलिस बल तैनात
दक्षिण क्षेत्र के पुलिस महानिरीक्षक विजयेन्द्र बिदारी की देखरेख में लगभग 18,000 पुलिसकर्मियों को तैनात किया गया है, जिनमें सात उप पुलिस महानिरीक्षक और 40 पुलिस अधीक्षक शामिल हैं। सुरक्षा व्यवस्था के तहत, 118 वाहन जांच चौकियां बनाई गई हैं और चौबीसों घंटे निगरानी के लिए 480 सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं। कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए एहतियात के तौर पर इन चार जिलों में शराब की दुकानें भी बंद कर दी गई हैं।

कौन हैं मुथुरामलिंग थेवर?
'थेवर जयंती' और 'गुरु पूजा', मुथुरामलिंग थेवर की जयंती और उनकी पुण्यतिथि (स्मृति दिवस) के रूप में मनाई जाती है। वे एक राजनीतिक नेता और सामाजिक कार्यकर्ता थे। उन्होंने भारतीय स्वतंत्रता संग्राम और मद्रास क्षेत्र में सामाजिक सुधारों में अहम भूमिका निभाई थी। वे 'ऑल इंडिया फॉरवर्ड ब्लॉक' के एक प्रमुख स्तंभ थे। उन्होंने ब्रिटिश शासन के खिलाफ उग्र राष्ट्रवाद की आवाज उठाई और 'भारत छोड़ो आंदोलन' में सक्रिय रूप से भाग लिया, जिसके कारण उन्हें कई बार अंग्रेजों द्वारा जेल में डाला गया। उनकी सबसे बड़ी उपलब्धियों में से एक, अंग्रेजों के भेदभावपूर्ण 'क्रिमिनल ट्राइब्स एक्ट' (आपराधिक जनजाति अधिनियम) के खिलाफ बड़े पैमाने पर अभियान चलाना था। इस कानून के तहत कुछ समुदायों को जन्म से ही अपराधी मान लिया जाता था। उनके लगातार विरोध के कारण 1946 में इस कानून को रद्द कर दिया गया (और 1948 तक इसे पूरी तरह से खत्म कर दिया गया)।
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सामाजिक सुधारों के क्षेत्र में क्या है योगदान?
सामाजिक सुधारों के क्षेत्र में, उन्होंने कार्यकर्ता ए. वैद्यनाथ अय्यर के साथ मिलकर 1939 में मदुरै के मीनाक्षी मंदिर में प्रवेश के लिए एक ऐतिहासिक आंदोलन का नेतृत्व किया। इस आंदोलन की मदद से वंचित समुदायों को मंदिर में प्रवेश करने का अधिकार मिल सका। एक क्रांतिकारी राजनीतिक नेता और समाज सुधारक के रूप में उनके दोहरे योगदान के कारण, हर साल 30 अक्तूबर को (उनकी जयंती और पुण्यतिथि एक ही दिन पड़ती है) उन्हें आधिकारिक राजकीय सम्मान के साथ याद किया जाता है।
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