मुंबई की एक संस्था द्वारा किए गए रिसर्च के बाद बनाई गई रिपोर्ट जानकर आप हैरान हो जाएंगे। बच्चों में सुसाइड करने की बढ़ती प्रवृत्ति पर किए गए रिसर्च में बताया गया है कि आखिर क्यों स्टूडेंट्स सुसाइड का रास्ता चुनते हैं।
इसकी वजह भी काफी अजीबो-गरीब हैं। कोई बीमारी की वजह से तो कोई साथियों के दबाव, शोषण, रिलेशनशिप और परीक्षा के समय टाइम मैनेज न कर पाने की वजह से ऐसा कदम उठाते हैं।
ये रिपोर्ट एक शैक्षिक समूह द्वारा मुंबई में जारी की गई है। ये रिपोर्ट शहर में पिछले दिनों में सुसाइड करने वाले युवाओं को ध्यान में रखकर तैयार की गई। इन सुसाइड की घटनाओंं की एक वजह खूनी खेल ऑनलाइन ब्लू व्हेल चैलेंज को भी बताया गया है।
22 पेज की इस रिपोर्ट में यह कहा गया है कि माता-पिता और शिक्षकों के सहयोग और देखभाल करने से स्टूडेंट्स को तनाव का सामना करने में सहायता मिलती है। इसमें ये भी उल्लेख किया गया है कि स्कूल वर्ष के दौरान स्टूडेंट्स में 25 फीसदी ज्यादा तनाव होता है।
मामले में पोद्दार विश्वविद्यालय के टीचरों के द्वारा लिखे गए रिसर्च पेपर ने कहा गया कि युवाओं में स्थाई तनाव की मुख्य वजह चिंता है जोकि उन्हें कभी- कभी खुद भी महसूस होता है। हालांकि हर व्यक्ति इससे गुजरता है लेकिन कुछ दूसरों की तुलना में इससे ज्यादा प्रभावित होते हैं।
युवाओं को तनाव से निबटने में मदद मिलने के ये कुछ मुख्य तरीके हैं- जैसे संतुलित नींद लेना, पैरेंट्स की सहायता, नियमित योग, स्वस्थ भोजन, वह काम करना जिससे खुशी मिले, दोस्तों के बीच बैठना, सकारात्मक सोच।
ये हैं तनाव के प्रमुख लक्षण
• बढ़ती चिंता या घबराहट
• सामना करने में असमर्थता महसूस करना
• अलग खाने की आदत
• अलग नींद की आदत
• ध्यान में परेशानी
• चिड़चिड़ापन होना
• आत्मविश्वास की कमी
• आलोचना के प्रति संवेदनशीलता
•समाज से दूरी बनाना
• निजी समस्याओं के साथ अति व्यस्तता
• थकान, अनिद्रा और सिरदर्द जैसे शारीरिक लक्षण
• जीवन के प्रति नकारात्मक सोच
• जोखिम लेने से डरना
• दूसरों पर निर्भरता