ब्रिटेन आम चुनाव के परिणाम आ चुके हैं। चुनाव में कोई भी पार्टी पूर्ण बहुमत प्राप्त करने में असफल रही हैं। थेरेसा मे की पार्टी कंजरवेटिव ने 650 में से 314 सीटों पर जीत हासिल की है। 314 सीटे जीतने के बाद भी थेरेसा मे पूर्ण बहुमत का आंकड़ा नहीं छू सकीं। सरकार बनाने के लिए थेरेसा को किसी ना किसी पार्टी से हाथ मिलाना पड़ा होगा। माना जा रहा है कि कंजरवेटिव पार्टी डीयूपी के साथ मिलकर सरकार बनाने का दावा पेश कर सकती हैं।
ब्रिटेन चुनाव के परिणाम को देखते हुए नई दिल्ली को अपनी यूके नीति को यूरोपियन नीति से अलग करना जरूरी हो गया है। यूके संसद में हुए इस बदालव का असर ब्रिटेन और भारत के संबंध पर भी पड़ेगा। माना जा रहा है कि थेरेसा मे का भारत के प्रति रुख लेबर पार्टी के नेता जेर्मी कार्बिन से बेहतर होगा, इसलिए ब्रिटेन चुनाव के परिणाम भारत से लिए फायदेमंद है।
हालांकि थेरेसा मे सरकार बनाने के लिए डीयूपी से हाथ मिलाएंगी। जिस कारण उनका रुख भी नरम रहेगा। डीयूपी आयरलैंड बॉर्डर को लेकर ज्यादा सख्ती नहीं चाहता। ब्रिटेन का यह रुख यूरोपियन यूनियन की वार्ता को और उलझा सकता है।