देश में खुदरा बाजार बहुत बड़ा है। एक अनुमान के मुताबिक देश में लगभग चार करोड़ खुदरा की दुकानें हैं। इनके माध्यम से लगभग चौदह करोड़ लोगों का रोजी-रोटी जुड़ी हुई है। जीएसटी के कारण पहले ही सरकार से नाराज चल रहे व्यापारी ऑनलाइन कंपनियों पर कोई लगाम न लगाए जाने से भी नाराज चल रहे थे। सरकार ने जीएसटी की दर घटाकर व्यापारियों को मनाने का काम किया था।
इस नए कानून के द्वारा भी उसने इसी वर्ग को रिझाने की कोशिश की है। दूसरी तरफ आरएसएस और स्वदेशी जागरण मंच भी सरकार पर देशी कंपनियों, खुदरा व्यापारियों को बढ़ावा देने के लिए सरकार पर दबाव डाल रही थी। इससे भी सरकार पर दबाव काम आया और इसका अंत इस कानून के साथ हुआ।