इंजीनियरिंग कॉलेजों में अब शिक्षक एमटेक के बाद सीधे पढ़ाई नहीं करवा पाएंगे। समिति ने इंजीनियरिंग की पढ़ाई करवाने वाले शिक्षकों को बीएड, यूजीसी-नेट की तर्ज पर एजुकेशन में डिग्री, सर्टिफिकेट या डिप्लोमा की पढ़ाई करवाने की सिफारिश की है।
समिति का मानना है कि इंफ्रास्ट्रक्चर की कमी और अयोग्य फैकल्टी के चलते इंजीनियरिंग डिग्री के बाद भी छात्रों को रोजगार नहीं मिल पा रहा है। रोजगार के लिए बेहतर कैंपस प्लेसमेंट, गुणवत्ता युक्त शिक्षा व इंडस्ट्री की डिमांड के आधार पर कोर्स तैयार करने होंगे।
समिति ने रिसर्च पर जोर दिया है। अटल टिकरिंग लैब की तर्ज पर ओर अधिक लैब की जरूरत है। रिसर्च को बढ़ाने के लिए इक्यूबेशन सेंटर व मॉनिटरिंग क्लब बनने चाहिए। इसके अलावा आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस, इंटरनेट ऑफ थिकिंग, इंटरनेट एसडब्ल्यू, मॉबलिटी, ऐनलिटिक व कलाउंड उभरती टेक्नोलॉजी है।