दिल्ली के चिड़िया घर में जहां शेर-टाइगर और भालू रहते हैं, अब उनके बाड़े में आदमियों के लिए भी एक पिंजरा बनेगा। अगर कभी कोई व्यक्ति अपनी गलती से इन जानवरों के बाड़े में कूद जाता है तो वह इस पिंजरे में खुद को कैद कर अपनी जान बचा सकता है। चिड़िया घर प्रशासन द्वारा करीब एक दर्जन ऐसे पिंजरे विभिन्न जानवरों के बाड़े में रखवाए जाएंगे।
आपको ध्यान होगा कि सितंबर 2014 में दिल्ली के आनंद पर्वत इलाके में रहने वाला मकसूद चिड़िया घर में घूमने आया था। वह गलती से टाइगर के बाड़े में कूद गया। करीब दस-पंद्रह मिनट बाद टाइगर विजय ने उसे मार दिया। हालांकि बाद में चिड़िया घर की ओर से जब इस मामले की जांच की गई तो विजय को दोष मुक्त करार दे दिया गया। रिपोर्ट में कहा गया कि टाइगर विजय की कोई गलती नहीं थी। वह व्यक्ति अपनी गलती से टाइगर के बाड़े में कूदा था।
इतना ही नहीं, टाइगर ने उस पर एकाएक हमला नहीं किया। जब दर्शकों ने टाइगर पर पत्थर व दूसरी वस्तुएं फेंकी तो उसे गुस्सा आ गया। वह दीवार के साथ चिपके मकसूद को दूसरी ओर खींच ले गया और कुछ देर बाद मकसूद की मौत हो गई थी।
इन जानवरों के बाड़े में तैयार होंगे आदमियों के पिंजरे
सफेद रंग के तीन टाइगर, पीले रंग वाले दो टाइगर, पांच भालू, जिनमें चार मादा और एक नर है, इन सभी के बाड़े में आदमियों के पिंजरे रखे जाएंगे। इनके अलावा चार शेर भी हैं। शेरों के बाड़े में भी मजबूत पिंजरे बनेंगे।
चूंकि सभी जानवरों के बाड़े अलग-अलग हैं, इसलिए हर एक बाड़े में आदमियों के लिए एक-एक पिंजरा रखा जाएगा। पिंजरे की बनावट ऐसी होगी कि उसमें एक बार कोई आदमी घुस गया तो जानवर उस पर एकाएक हमला नहीं कर सकेगा। जो व्यक्ति पिंजरे में जाएगा, वह उससे अंदर से बंद कर लेगा।जब तक वहां सुरक्षा कर्मी भी पहुंच जाएंगे।
चिड़िया घर की निदेशक रेणु सिंह का कहना है कि देश में यह एक अनूठी योजना है। अभी दूसरे किसी चिड़िया घर या राष्ट्रीय प्राणी उद्यान में यह प्रावधान नहीं है। हम नहीं चाहते कि ऐसी कोई भी घटना हो, जिसमें किसी दर्शक को जान-माल का नुकसान पहुंचे। इसी सोच के साथ इन जानवरों के बाड़ों में पिंजरे रखवाए जाएंगे। अगर कोई घटना हो गई तो पीड़ित स्वयं को इन पिंजरों में बंद कर अपनी जान बचा सकता है।
चिड़िया घर में मर्द है विजय, हैप्पी बर्थ-डे मनता है
साल 2014 की घटना के बाद विजय को चिड़िया घर में सब जानने लगे हैं। ज्यादातर कर्मचारी अब उसे सफेद टाइगर के नाम से कम, अपितु विजय के नाम से ही अधिक जानते हैं। वहां आने वाले दर्शक भी विजय का नाम लेकर उसका बाड़ा देखने की इच्छा जाहिर करते हैं। विजय को चिड़िया घर में मर्द भी कह कर बुलाया जाता है। वह ब्रीडिंग के मामले में हीरो है। उसकी जीवन साथी बनी कल्पना (मादा टाइगर) ने मार्च 2015 में एक साथ चार बच्चों को जन्म दिया था।
खास बात है कि ये चारों बच्चें (एक नर और तीन मादा) बिल्कुल स्वस्थ रहे हैं। ऐसा बहुत कम होता है कि किसी मादा टाइगर के चार बच्चे हों और वे सभी जीवित रहें। इन्हीं खूबियों के चलते निदेशक रेणु सिंह ने विजय का हर साल हैपी बर्थ-डे मनाने का निर्णय लिया है। पिछले साल भी और इस दफा भी 21 जुलाई को विजय का जन्मदिन धूमधाम से मनाया गया। बच्चों को केक दिया गया तो विजय को मटन चिकन मिला। विजय का जन्म 21 जुलाई 2007 को हुआ था।