केंद्रीय मंत्रिमंडल 22वें विधि आयोग का कार्यकाल बढ़ाने वाले कानून मंत्रालय के प्रस्ताव पर बुधवार को विचार कर सकता है। जटिल कानूनी मुद्दों पर सरकार को सलाह देने वाले आयोग का कार्यकाल सोमवार को समाप्त हो गया था। आयोग का गठन 21 फरवरी 2020 को तीन साल के लिए किया गया था और इसके अध्यक्ष जस्टिस (सेवानिवृत्त) ऋतुराज अवस्थी ने 9 नवंबर 2022 को कार्यभार संभाला था। कानून मंत्री किरेन रिजिजू ने इस महीने की शुरुआत में राज्यसभा में बताया था कि अध्यक्ष का कार्यकाल आयोग की अवधि के साथ समाप्त होता है। सरकार के सूत्रों ने पहले ही संकेत दिया था कि 22वें विधि आयोग को विस्तार दिया जा सकता है क्योंकि उसे कार्यालय में बहुत कम समय मिला है।
शवों से गरिमापूर्ण व्यवहार के एनएचआरसी का राज्यों को नोटिस
नई दिल्ली। राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (एनएचआरसी) ने मंगलवार को सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को नोटिस जारी कर शवों के साथ गरिमापूर्ण व्यवहार को सुनिश्चित करने के संबंध में छह हफ्ते में जवाब देने को कहा है। आयोग के मुताबिक राज्य नीति बनाकर मृतकों की गरिमा सुनिश्चित कर सकते हैं। एनएचआरसी ने मानव अधिकार संरक्षकों के कोर ग्रुप के सदस्य डॉ. जितेंद्र सिंह शंटी की ओर से उठाए गए दाह संस्कार और शवों के साथ अशोभनीय व्यवहार तथा 27 वर्षों से अधिक समय से लावारिस लाशों के मुफ्त दाह संस्कार एवं संबंधित सेवाओं के मुद्दों का स्वत: संज्ञान लिया है।
सुंदर वन में बाघ संरक्षण के लिए साथ काम करेंगे भारत-बांग्लादेश
नई दिल्ली। भारत बाघ संरक्षण के प्रयासों को बांग्लादेश के साथ साझा करेगा। दोनों देशों ने सुंदर वन में बाघ संरक्षण, मैंग्रोव तथा पारिस्थितिकी तंत्र को सुरक्षित करने के लिए साथ काम करने पर द्विपक्षीय वार्ता में सहमति जताई है। इसके तहत दोनों देश इस दिशा में संयुक्त रूप से शोध, कार्रवाई, गश्त और जलवायु परिवर्तन के प्रभावों से निपटने के उपायों पर मिलकर काम करेंगे। हाल ही में 14 फरवरी को कोलकाता में हुई द्विपक्षीय वार्ता में मौजूदा स्थितियों का आकलन किया गया। भारत के पश्चिम बंगाल से लेकर बांग्लादेश तक फैले सुंदर वन के दस हजार हेक्टेयर के इलाके में छह हजार हेक्टेयर बांग्लादेश में है। इसमें कुल बाघ आबादी करीब 212 है। दोनों तरफ करीब 106-106 बाघ हैं। दोनों ही तरफ बड़ी संख्या में स्थानीय लोग भी हैं जो कि वन पर ही रोजगार के लिए निर्भर हैं।
कर्नाटक के यक्षगान कलाकार अंबा तनया मुद्राड़ी का निधन
मंगलूरू। कर्नाटक के प्रसिद्ध यक्षगान कलाकार और लेखक अंबा तनया मुद्राड़ी (88) का मंगलवार को निधन हो गया। वह कुछ समय से बीमार थे। उन्होंने उडुपी जिले में करकला तालुक के मुद्राड़ी स्थित अपने आवास पर अंतिम सांस ली। उनका मूल नाम केशव शेट्टीगर था। उन्होंने यक्षगान के सभी क्षेत्रों में अपने कौशल का प्रदर्शन किया। अंबा तनया मुद्राणी यक्षगान में एक ‘प्रसंग कर्ता’, ‘तालमददले अर्थधारी’ और ‘वेषधारी’ थे।
अंधेपन को खत्म करने के लिए त्वरित कदम जरूरी
नई दिल्ली। विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) ने मंगलवार को सभी के लिए नेत्र और दृष्टि की उपलब्धता के लिए त्वरित कदम उठाने की जरूरत बताई। दक्षिण-पूर्वी एशिया क्षेत्र की निदेशक डॉ. पूनम क्षेत्रपाल ने बताया, दुनियाभर में दृष्टि दोष या अंधेपन से पीड़ित 2.2 अरब लोगों में से करीब 30 फीसदी दक्षिण-पूर्व एशिया क्षेत्र में रहते हैं। हैदराबाद में एकीकृत जन-केंद्रित नेत्र देखभाल पर सदस्य देशों की एक बैठक को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा, दुनिया में दृष्टिहीनता के आधे मामलों को रोका जा सकता था, जबकि अब भी इन्हें इलाज की दरकार है।