हार्दिक पटेल की जिस सीडी को लेकर इतना शोर बाहर सुनाई दे रहा है, सौराष्ट्र के कई इलाकों में उसका कोई असर नहीं दिखाई दे रहा। यह बात भाजपा के तमाम नेता और कार्यकर्ता भी खुलकर कह रहे हैं। जामनगर और खंभालिया में भाजपा कार्यालय में बैठे कई युवा कार्यकर्ता यह मानते हैं कि 18 से 24 साल के युवाओं में हार्दिक को लेकर जबरदस्त क्रेज़ है और इस सीडी से पाटीदारों के वोट पर खास असर नहीं पड़ने वाला।
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भाजपा ने अपनी पहली लिस्ट में भले ही 15 पाटीदारों को टिकट देकर ये बताने की कोशिश की है कि वह पाटीदारों की असली हितैषी है, लेकिन इससे पाटीदारों की नाराज़गी कम हो जाएगी, कहना मुश्किल है। जामनगर शहर भाजपा के अध्यक्ष हंसमुख भाई हिंडोचा मानते हैं कि इस इलाके में करीब 10 फीसदी पाटीदार वोट हैं और ये नतीजों का रुख बदलने की ताकत रखते हैं।
उनका दावा है कि इस बार शहर की दोनों ही सीटें भाजपा के पास आएंगी। पहले इनमें से एक जामनगर उत्तर की सीट कांग्रेस के पास थी, लेकिन इस बार उसी कांग्रेसी विधायक ने भाजपा का दामन थाम लिया है और पार्टी ने इस बार उसी धर्मेन्द्र सिंह मेरुभा जाडेजा को टिकट भी दे दिया है। भाजपा की इस लिस्ट में जामनगर ग्रामीण के मौजूदा कांग्रेसी विधायक राघवजी पटेल का भी नाम है जो हाल ही में भाजपा में शामिल हुए हैं।
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सरकार तो भाजपा की ही बनेगी
भाजपा के ज़मीनी कार्यकर्ताओं और पुराने नेताओं में इस बात की नाराज़गी झलकती है कि पार्टी दलबदलुओं को टिकट दे रही है और अपने लोगों को नाराज़ कर रही है। हंसमुख भाई मूल रूप से संघ से जुड़े रहे हैं और जामनगर में उन्होंने संगठन और पार्टी के लिए पूरी निष्ठा से काम किया है, लेकिन वो भी मानते हैं कि 2012 से इस बार की परिस्थितियों में काफी फर्क है।
तब मोदी थे और उनका जादू चलता था। वो ये भी मानते हैं कि किसान और व्यापारी वर्ग नाराज़ है। एंटी इन्कम्बेंसी फैक्टर भी है, फिर भी लोगों के पास विकल्प नहीं है, इसलिए सरकार तो भाजपा की ही बनेगी।