ऑक्सफोर्ड-एस्ट्राजेनेका के टीके को लेकर यूरोपीय देशों में सवाल उठ चुके हैं। टीके के दुष्प्रभावों पर नजर रखने वाली एईएफआई कमेटी ने कहा है कि भारत में इस्तेमाल हो रही कोविशील्ड से ब्लड क्लॉट (खून का थक्का) जमने की कोई समस्या नहीं है।
नीति आयोग के सदस्य डॉ. वीके पॉल ने बुधवार को कहा कि कोविशील्ड पूरी तरह सुरक्षित है। हम लोगों को आश्वस्त करना चाहते हैं कि इससे खून का थक्का जमने का कोई खतरा नहीं है जैसा यूरोपीय देशों में देखने को मिला है।
आईसीएमआर के महानिदेशक डॉ. बलराम भार्गव ने कहा कि कोविशील्ड और कोवाक्सिन ब्रिटेन और ब्राजील में मिलने वाले स्ट्रेन के खिलाफ भी कारगर है। दक्षिण अफ्रीकी स्ट्रेन पर टीके का प्रभाव जानने के लिए शोध चल रहा है। एजेंसी।
लोग टीके पर संदेह न करें
डॉ. पॉल ने सभी लोगों से अपील की है कि लोग टीके पर संदेह न करें। अभी तक ये देश में इस्तेमाल हो रही दोनों वैक्सीन पुराने के साथ नए स्ट्रेन के खिलाफ भी कारगर है। वायरस से बचाव के लिए हर किसी को सावधानी बरतना होगा। जरूरी नियमों का पालन करें। टीका लगवाएं जिससे दूसरी लहर के साथ मजबूती के साथ लड़ा जा सके।