पिछले छह दिनों में 30 सूचीबद्ध कंपनियों वाले शेयर बाजार ने 3000 अंकों का गोता लगाया है। निफ्टी भी धड़ाम हुआ है। वहीं पंजाब, हरियाणा के किसान रेल पटरियों पर बैठ गए हैं। उत्तर प्रदेश के किसानों ने विरोध तेज कर दिया है। दोनों संकेतों ने डराना शुरू कर दिया है। हालांकि केंद्र सरकार के मुताबिक अभी सब ठीक चल रहा है। यह सवाल कनॉट प्लेस में हीरा स्वीट्स और हल्दीराम स्टोर को परेशान कर रहा है। दिल्ली से सटे गाजियाबाद में कई मॉल हैं और कारोबार ठप चलने के कारण कई स्टोर तेजी से खाली होने लगे हैं। नोएडा एक्सप्रेस-वे पर एडवेंट जैसी बिल्डिंग खाली सी होने लगी हैं।
अमेरिका में कारोबार कर रहे भारतीय एनआरआई जेडी भूसरी ने फोन पर बताया कि कारोबार के हाल अच्छे नहीं हैं। भूसरी भारत इंजीनियरिंग के सामान तैयार कराते हैं और अमेरिका में उसकी आपूर्ति करते हैं। जेडी भूसरी का कहना है कि कोविड-19 की दूसरी लहर आने वाली है। इसके चलते दुनियाभर के बाजारों में हलचल तेज हो रही है। अमित अनुराग दुबई की कंपनी में भारत में ऑपरेशन हेड हैं। कंपनी भारत में पोर्टफोलियो मैनेजमेंट करती है। अमित अनुराग का भी कहना है कि कोविड-19 को लेकर अभी कुछ स्पष्ट नहीं है। इसका खतरा बढ़ने वाला है और इसके चलते बाजार में डर बढ़ रहा है। निवेशक बहुत सशंकित हैं। अमित अनुराग कहते हैं कि बाजार में उथल-पुथल कोविड-19 की दूसरी लहर के कारण ही है।
जेडी के साथ जुड़े राघव गुप्ता का कहना है कि कोविड-19 की दूसरी लहर का डर आना शुरू हो गया है। राघव गुप्ता कहते हैं कि लेकिन केंद्र सरकार और राज्य सरकारों के स्तर पर इसके डैमेज कंट्रोल का उपाय नहीं दिखाई दे रहा है। सरकार तो अभी यह बताने में व्यस्त है कि कोविड-19 के संक्रमितों की संख्या लगातार कम हो रही है। जबकि केंद्रीय मंत्री, सांसद, राज्य सरकारों के मंत्री इसकी भेंट चढ़ रहे हैं। राघव का कहना है कि देश में राजनीति वास्तविकता पर हावी है। उन्हें भी नहीं समझ में आ रहा है कि केंद्र सरकार ऐसे समय में किसानों से जुड़ा इस तरह का कानून लाकर उन्हें क्यों नाराज कर रही है? वह कहते हैं कि इसका भी असर अर्थव्यवस्था पर ही पड़ेगा? फिर सरकार क्यों नहीं सोचती?
अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान के चिकित्सक और महामारी के विशेषज्ञ डा. आनंद कृष्णन का कहना है कि इस बारे में कुछ नहीं कहा जा सकता। यह भी नहीं बताया जा सकता कि कोविड-19 की दूसरी लहर कब से आएगी। पहले वाली से भारत के लिए कितनी पीड़ादायी साबित होने वाली है। डा. आनंद के मुताबिक अभी कोविड-19 की वैक्सीन को लेकर प्रयास जारी हैं, लेकिन बहुत साफ तरीके से कुछ भी कहना जल्दबाजी होगी। इसलिए जरूरी है कि लोग पहले की तुलना में संक्रमण से बचने के लिए सावधानी और सतर्कता दोनों बढ़ा दें।