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विश्व स्वास्थ्य संगठन सोशल मीडिया से दे रहा मानसिक स्वास्थ्य ठीक रखने की जानकारी, इस तरह ले सकते हैं लाभ

Fri, 16 Oct 2020 04:34 PM IST
Harendra Chaudhary अमित शर्मा, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

विश्व स्वास्थ्य संगठन ने लोगों को मानसिक स्वास्थ्य के खतरों के प्रति चेतावनी देने के लिए और उनसे बचने के उपाय सुझाने के लिए सोशल मीडिया से जानकारी देने का कार्यक्रम शुरू किया है...
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depression - फोटो : Amar Ujala (File)
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विस्तार
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कोरोना काल में पूरी दुनिया में लोगों की मानसिक समस्याएं बढ़ी है। कहीं बीमारी की चिंता तो कहीं रोजगार की अनिश्चितता से एक बड़ा वर्ग प्रभावित हुआ है और लोगों में तनाव, चिंता और अवसाद के मामले बढ़े हैं। इसे देखते हुए विश्व स्वास्थ्य संगठन ने लोगों को मानसिक स्वास्थ्य के खतरों के प्रति चेतावनी देने के लिए और उनसे बचने के उपाय सुझाने के लिए सोशल मीडिया से जानकारी देने का कार्यक्रम शुरू किया है। इसे ट्विटर जैसे प्लेटफॉर्म्स के साथ-साथ व्हाट्सएप से भी हासिल किया जा सकता है।

कैसे पा सकते हैं लाभ

अगर आप अपने व्हाट्सएप पर सीधे विश्व स्वास्थ्य संगठन से मानसिक स्वास्थ्य से जुड़ी जानकारी पाना चाहते हैं, तो आपको अपनी कॉन्टैक्ट लिस्ट में +41798931892 सुरक्षित करना होगा। इसके बाद आप Hi या नमस्कार टाइप करके भेज दें। इसके बाद संगठन की तरफ से कुछ बिंदुओं से सम्बंधित जानकारी की एक लिस्ट आ जाती है, आप जिस विषय से सम्बंधित जानकारी लेना चाहते हैं, वह संख्या टाइप करने पर उससे सम्बंधित जानकारी आपके मोबाइल पर आ जाती है। जानकारी कई चरणों में आगे बढ़ती रहती है।

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विश्व स्वास्थ्य संगठन ने कोरोना के मामलों पर जानकारी देने के लिए व्हाट्सअप की यह सेवा पहले ही शुरू की थी। अब इसमें मानसिक स्वास्थ्य के कालम को भी जोड़ा गया है। संगठन ने बुधवार को इसके बारे में घोषणा की थी।  

इसके पहले विश्व स्वास्थ्य संगठन ने अपने एक अध्ययन के जरिए बताया था कि कोरोना के कारण भारी संख्या में लोग मानसिक तौर पर बीमार हो रहे हैं। संगठन ने कहा था कि कोरोना के कारण लोग मानसिक तौर पर परेशान हुए। अध्ययन के मुताबिक 72 फीसदी किशोर, 70 फीसदी युवा वयस्क और 61 फीसदी प्रसव से गुजरने वाली या गुजर चुकी महिलाएं मानसिक तौर पर ज्यादा पीड़ित हुईं।
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इस मामले में सबसे ज्यादा दुखद स्थिति यह भी पाई गई है कि कोरोना की प्राथमिकता और इसके साथ ही अन्य परेशानियों के कारण लोगों को मानसिक चिकित्सा की पर्याप्त सुविधाएं नहीं मिल पाईं। जबकि कोरोना से लड़ाई के मामले में यह बेहद महत्वपूर्ण स्थान रखता है।      

क्या कहते हैं विशेषज्ञ  

इंडियन साइकिएट्रिक सोसाइटी के प्रेसिडेंट डॉ. मृगेश वैष्णव ने अमर उजाला को बताया कि इस तरह के प्रयास कई संस्थाओं द्वारा पहले भी किये गए हैं। लोग इनका लाभ उठा रहे हैं। लेकिन विश्व स्वास्थ्य संगठन की व्यापक पहुंच और उसकी विश्वसनीयता को देखते हुए यह ज्यादा लाभकारी कदम होगा।

डॉ. मृगेश वैष्णव ने कहा कि कोरोना से लड़ाई में मानसिक स्वास्थ्य का मजबूत रहना बेहद आवश्यक है। कमजोर मानसिक क्षमता वाले लोग यह लड़ाई ज्यादा आसानी से हार जाते हैं, जबकि मजबूत मानसिक क्षमता वाले 90-100 साल के लोग भी इससे आसानी से उबर जाते हैं।  इसलिए ऐसे टाइम में लोगों को अपना मानसिक स्वास्थ्य बेहद मजबूत रखने की जरूरत है।

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