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अनूठी पहल: गैंगरेप पीड़िता की पहचान छिपाने महिला पुलिस ने भी ढके अपने चेहरे, एसपी की हो रही तारीफ

Fri, 06 Jul 2018 05:50 AM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अहमदाबाद
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : अमर उजाला
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अहमदाबाद के सैटेलाइट इलाके में गैंगरेप पीड़िता की पहचान छिपाने के लिए अपराध शाखा ने एक अनूठा प्रयोग किया। मेट्रोपोलिटन अदालत में बुधवार को रिपोर्ट सौंपने और पीड़िता का बयान दर्ज कराने के लिए पहुंची महिला पुलिसकर्मियों के चेहरे भी ढके हुए थे। सभी 7 महिला कांस्टेबल पीड़िता जैसी पोशाक में थीं और सबने अपने चेहरे को दुपट्टे से अच्छी तरह ढंक लिया था।
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अपराध शाखा की एसपी पन्ना मोमाया की इस पहल की खूब सराहना हो रही है। इस मामले में अपराध शाखा ने अदालत से गैंगरेप के तीन आरोपियों का नार्को टेस्ट कराने की अनुमति मांगी। अदालत में अब तक रिपोर्ट ही सौंपी गई हे और अपराध शाखा अदालत के आदेश का इंतजार कर रही है।

दरअसल, तीनों आरोपियों- गौरव डालमिया, वृषभ मारू और यामिनी नायर ने खुद को निर्दोष बताते हुए अपराध शाखा से पॉलीग्राफिक और नार्को टेस्ट कराने की गुजारिश की जिससे साबित हो जाएगा कि उन पर लगे आरोप बेबुनियाद हैं। डालमिया ने 1 और मारू ने 3 जुलाई को आत्मसमर्पण किया था जबकि नायर को राजकोट से गिरफ्तार किया गया था। 
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गौरतलब है कि 28 जून को 22 साल की युवती ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई थी कि उसे चार लोगों ने 26 मार्च को एसयूवी कार से अगवा कर लिया था। शहर के शिवरंजनी इलाके में दो लोगों ने उसे बेहोश कर कार में ही सामूहिक दुष्कर्म किया था। सभी मंकी कैप पहने हुए थे।

आरोपियों ने ब्लैकमेल करने के इरादे से युवती का वीडियो भी बनाया और इसे वायरल करने की धमकी देकर रास्ते में फेंक दिया। इसके बाद 27 जून की रात मणिनगर इलाके में चार लोगों ने दोबारा उस पर हमला किया गया और इनमें से तीन ने उसका यौन उत्पीड़न किया।

 
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मंदसौर रेप पीड़ित बच्ची की तस्वीर खींचने के आरोप में नर्स गिरफ्तार

मंदसौर में सामूहिक बलात्कार की पीड़ित सात वर्षीय बच्ची की तस्वीर खींचने के आरोप में पुलिस ने शासकीय महाराजा यशवंतराव चिकित्सालय (एमवायएच) की एक सीनियर नर्स को गिरफ्तार किया है।

पीड़िता के वॉर्ड के पास तैनात पुलिस कर्मियों को बुधवार को सूचना मिली थी कि सीनियर नर्स रमा कुशवाहा (50) ने अपने मोबाइल कैमरे से पीड़ित बच्ची और उसके इलाज से जुड़े दस्तावेजों के फोटो खींचे हैं। नर्स शायद ये तस्वीरें किसी अन्य को भेजना चाहती थी। मामले में फिलहाल नर्स से पूछताछ जारी है। 

फंस चुके हैं राजद नेता
बिहार के गया जिले में राजद के दो विधायक रेप पीड़िता की पहचान उजागर करने और जबर्दस्ती उनकी तस्वीर खींचने के मामले में फंस चुके हैं। सोशल मीडिया पर इससे संबंधित एक वीडियो वायरल हुआ था जिसमें इन नेताओं को पीड़िता को जबर्दस्ती गाड़ी से उतारते देखा गया था। पीड़िता के बार-बार मना करने के बावजूद उससे ऐसा करने के लिए कहा जा रहा था।
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