4200 करोड़ की परियोजना के प्रथम चरण में हल्दिया से वाराणसी तक जलमार्ग का विकास किया जाना है। वाराणसी, साहिबगंज, हल्दिया में बनने वाले मल्टी मॉडल टर्मिनल खुली नदी नौचालन प्रणाली, तट संरक्षण कार्य, आधुनिक नदी सूचना प्रणाली (आरआईएस), डिजिटल ग्लोबल पॉजिशनिंग सिस्टम (डीजीपीएस), रात्रि नौचालन सुविधाएं, चैनल चिह्नित करने के आधुनिक उपकरणों से लैस होंगे।
फरक्का में 450 करोड़ रुपये की लागत से एक नए नौचालन लॉक का निर्माण कराया जा रहा है। टर्मिनल का काम अगस्त 2018 तक पूरा होने की संभावना है। रामनगर टर्मिनल को एनएच-7 और जीवनाथपुर रेलवे स्टेशन से जोड़ा जाएगा। प्रथम चरण का कार्य पूरा होने पर टर्मिनल की अनुमानित कार्गो हैंडलिंग क्षमता प्रतिवर्ष 12 लाख टन की होगी। टर्मिनल पर दो जलयानों की एक साथ बर्थिंग, भंडारण क्षेत्र, ट्रांजिट शेड, पार्किंग क्षेत्र की सुविधाएं उपलब्ध होंगी।
चलेंगे यात्री जलपोत भी, इन क्षेत्रों को सीधा फायदा
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टर्मिनल से केवल माल ढुलाई ही नही होगी बल्कि यात्री जलपोत भी चलेंगे। जहाजरानी मंत्री नितिन गडकरी ने कहा कि टर्मिनल पर इसके लिए फ्लोटिंग जेट्टी बनाई जाएगी, उससे यात्री आसानी से जहाज तक आ-जा सकेंगे।
राष्ट्रीय जलमार्ग-1 बेहद महत्वपूर्ण जलमार्ग है जो उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड और पश्चिम बंगाल से गुजरते हुए हल्दिया, हावड़ा, कोलकाता, भागलपुर, पटना, गाजीपुर, वाराणसी, इलाहाबाद और इससे जुड़े सुदूर क्षेत्रों की वाणिज्यिक तथा औद्योगिक जरूरतों को पूरा करेगा। इस क्षेत्र के रेल और सड़क मार्ग पर दबाव कम होगा।