500 और 1000 रुपये के नोट को चलन से बाहर करने को लेकर परेशानी झेल रहे लोगों के लिए कोर्ट से कोई राहत भरी खबर नहीं आ रही है। नोटबंदी के मामले पर सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने अलग-अलग पीआईएल पर केंद्र सरकार से हलफनामा दायर करने को कहा है।
साथ ही कोर्ट ने केंद्र के फैसले पर हस्तक्षेप करने की बात नकार दी है। हालांकि कोर्ट ने केंद्र सरकार से ये जरूर पूछा है कि सरकार आम आदमी को हो रही परेशानी कम करने के क्या उपाय कर रही है? ये सुनवाई चीफ जस्टिस टीएस ठाकुर की अध्यक्षता वाली पीठ ने की है।
गौरतलब है कि याचिकाओं में इस फैसले को मनमाना और तर्कहीन बताते हुए निरस्त करने की गुहार की गई है। वहीं केंद्र सरकार ने इस मामले में कैविएट दाखिल कर कहा है कि अदालत द्वारा किसी भी निर्णय लेने से पहले उनका पक्ष सुना जाए। मामले की अगली सुनवाई 25 नवंबर को होगी।