जल्द ही याचिकाकर्ताओं को सुप्रीम कोर्ट में ट्रायल कोर्ट और हाईकोर्ट के भारी भरकम कागजी दस्तावेज दाखिल करने की जरूरत नहीं पड़ेगी। सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस जेएस खेहर ने कहा है कि सात महीने के भीतर ट्रायल कोर्ट व हाईकोर्ट में भारी भरकम कागजी दस्तावेजों को फाइल करने की जरूरत नहीं होगी और शीर्ष अदालत पेपरलैस हो जाएगी।
बृहस्पतिवार को एक मामले की सुनवाई के दौरान चीफ जस्टिस जेएस खेहर ने कहा कि हम निचली अदालतों के कागजी दस्तावेज फाइल करने की चली आ रही प्रथा पर रोक लगाना चाहते हैं। उन्होंने कहा कि हमें छह-सात महीने में इसमें सफलता मिलने की उम्मीद है।
उन्होंने बताया कि हम ट्रायल कोर्ट और हाईकोर्ट के दस्तावेजों को इलेक्ट्रॉनिक तरीके से इकट्ठा करेंगे। उन्होंने बताया कि याचिकाकर्ताओं को महज कागजी दस्तावेजों के जरिए यह बताना होगा कि किन आधारों पर उन्होंने निचली अदालतों के फैसले को चुनौती दी है। वहीं एक अन्य सुनवाई के दौरान चीफ जस्टिस ने इस बात पर जोर दिया कि कागजों की बर्बादी पर रोक लगनी चाहिए।