बृहस्पतिवार को सुप्रीम कोर्ट ने जयललिता की मौत के मामले में सीबीआई जांच की मांग वाली सभी याचिकाओं को खारिज कर दिया है। राज्यसभा सांसद और एआईडीएमके से निष्काषित नेता शशिकला पुष्पा सहित कई लोगों ने सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीश की निगरानी में सीबीआई या न्यायिक जांच की मांग की थी।
न्यायाधीश पीसी घोष और आरएफ नरीमन ने कहा कि इसी तरह की याचिकाएं मद्रास हाईकोर्ट में लंबित पड़ी हुई हैं। इसी तरह की याचिका के मद्रास हाईकोर्ट में लंबित पड़े होने की वजह से हम इस मामले में दखल नहीं दे सकते। इन याचिकाओं को खारिज किया जाता है।
शशिकला पुष्पा के अलावा कोर्ट ने इसी आधार पर एक गैर सरकारी संगठन की भी जनहित याचिका खारिज कर दी। 18 दिसंबर, 2016 को पुष्पा ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल की थी जिसमें उन्होंने स्वास्थ्य की वास्तविक स्थिति का खुलासा ना किए जाने के कारण जयललिता की मौत को संदिग्ध बताया था।
पुष्पा ने आगे कहा था कि किसी को उनसे मिलने नहीं दिया जाता था जबकि उनके शव की तस्वीरों में शरीर पर अजीब तरह के निशान दिख रहे हैं। यहां तक कि उनके अस्पताल में भर्ती किए जाने से लेकर मौत तक की हर बात को छुपा करके रखा गया।