चौ. चरण सिंह जन्म शताब्दी पर इटावा के चौधरी चरण सिंह डिग्री कॉलेज को सरकारी खजाने से करोड़ों रुपये के फंड जारी करने के मामले में पूर्व मुख्यमंत्री मुलायम सिंह यादव और उनके परिवार के अन्य सदस्यों की मुश्किलें बढ़ सकती है। सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को यह सवाल उठाया कि आखिर इस कॉलेज को ही सरकारी फंड देने के लिए क्यों चुना गया?
मालूम हो कि चौधरी चरण सिंह डिग्री कॉलेज का स्थापना एक सोसायटी के द्वारा की गई थी। आरोप है कि सोसायटी के सदस्य मुलायम सिंह और उनके परिवार के अन्य सदस्य भी है।
चीफ जस्टिस टीएस ठाकुर की अध्यक्षता वाली तीन सदस्यीय पीठ ने यह आखिरकार कर सोसायटी द्वारा संचालित इस कॉलेज को 100 करोड़ रुपये सरकारी फंड क्यों जारी किए गए।
इस पर उत्तर प्रदेश सरकार की ओर से पेश वरिष्ठ वकील हरीश साल्वे ने कहा कि इसका इस्तेमाल कॉलेज केनिर्माण में किया गया और यह कॉलेज विश्वस्तरीय है। पीठ ने उनकेसवाल दागते हुए कहा कि आखिरकार सिर्फ एक शिक्षण संस्थान को सरकारी फंड देने का निर्णय लिया गया।
जवाब में साल्वे ने कहा कि कॉलेज सरकार का है और इसका हस्तांतरण नहीं हो सकता। हालांकि बाद में साल्वे की ओर से कहा गया कि सरकारी आदेश को देखने के बाद उनकी समझ कहती है कि कॉलेज सरकार की संपत्ति है। पीठ ने यूपी सरकार को हलफनामा दाखिल कर जवाब दाखिल करने के लिए कहा है।