वैक्सीन के मामले में भी सरकार के इस निर्णय को क्या कहेंगे?
केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के किसी अधिकारी ने इस खबर की पुष्टि नहीं की है। सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया के सूत्रों के हवाले से आई यह सूचना काफी चौंका रही है। सूत्र बताते हैं कि सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया ने वैक्सीन कोवीशील्ड का टीकाकरण अभियान शुरू करने की अुनमति काफी पहले मांगी थी, लेकिन सरकार ने काफी समय तक इस पर निर्णय नहीं लिया। बताते हैं जब संस्थान ने केन्द्र सरकार को बड़े पैमाने पर वैक्सीन के एक्सपायर हो जाने की जानकारी दी, तब टीकाकरण अभियान को हरी झंडी मिल पाई। इंस्टीट्यूट के सीईओ आदार पूनावाला ने हाल ही में देश में पर्याप्त संख्या में वैक्सीन उपलब्ध कराने के लिए केन्द्र सरकार से 3000 करोड़ रुपये की सहायता की आवश्यकता बताई है। बताते हैं अभी तक इस बारे में कोई निर्णय नहीं हो सका है।
उत्तर प्रदेश में अगले सप्ताह तक और खराब हो सकते हैं हालात
उत्तर प्रदेश के गोरखपुर, वाराणसी, लखनऊ, कानपुर जैसे जिलों में अस्पतालों में ओपीडी सेवाएं बंद कर दी गई हैं। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय की एक टीम सभी राज्यों से कोविड पर रिपोर्ट ले रही है। जिस तरह से उत्तर प्रदेश में कोविड संक्रमण को लेकर सूचना आ रही है, सूत्र बताते हैं कि अगले सप्ताह तक राज्य के कई क्षेत्र में हालात काफी खराब हो सकते हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, उनके कैबिनेट के सदस्य आशुतोष टंडन, पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव कोविड से संक्रमित हैं। केजीएमयू के पल्मोनरी विभाग के वरिष्ठ चिकित्सक सूत्र का कहना है कि पिछले साल को देखकर लग रहा था कि राज्य सरकार चिकित्सा व्यवस्था को दुरुस्त करने के लिए कुछ बड़े कदम उठाएगी, लेकिन संक्रमण कम होते ही हम सब भूल गए। कोविड संक्रमण को लेकर लोगों को सावधान करने की जिम्मेदारी भी छोड़ दी। अब आफत गले आ पड़ी है तो अफरा-तफरी जैसी स्थिति है।
उत्तराखंड के मुख्यमंत्री तो कुंभ में भीड़ जुटा रहे हैं?
वैशाली मैक्स अस्पताल के डा. अश्विन चौबे राम मनोहर लोहिया आयुर्विज्ञान संस्थान सैफई में पीजी के स्टूडेंट थे। डा. चौबे का कहना है कि उन्हें उत्तर प्रदेश के गावों और जिलों की स्थिति तथा वहां की चिकित्सा व्यवस्था का ठीक-ठीक अंदाजा है। अश्विन कहते हैं कि जिला अस्पतालों में चिकित्सीय सुविधा, उपकरण, जांच के नाम पर बहुत ही सामान्य स्थिति है। ऐसे में गांवों तक कोविड का संक्रमण काफी दुखदायी खबर सुना सकता है।
डा. अश्विन का कहना है कि लापरवाही का आलम तो देखिए। पश्चिम बंगाल में चुनाव जनसभा चल रही है और उत्तराखंड के मुख्यमंत्री हरिद्वार में आयोजित कुंभ में भीड़ जुटाने में लगे हैं। मंगवलार को 21 लाख तो बुधवार को 35 लाख लोगों ने स्नान किया। पहले कोविड की जांच रिपोर्ट अनिवार्य की गई, फिर अनिवार्यता खत्म की गई और हल्ला मचने पर बढ़ा दी गई। अब मुख्यमंत्री कह रहे हैं कि गंगा मां कोविड संक्रमण से बचा लेंगी। डा. अश्विन का कहना है कि हम इस तरह की लापरवाही करते रहेंगे तो कोविड-19 का संक्रमण और इससे पैदा होने वाली भयावह स्थिति से कैसे बच सकेंगे?