संसद में बुधवार को आईआईआईटी (पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप) बिल- 2017 पारित हो गया। आईआईआईटी बिल पास होने के साथ ही अब आईआईआईटी को डिग्री देने का अधिकार मिल गया है। उक्त आईआईआईटी अब इंस्टीट्यूट ऑफ नेशनल इंर्पोटेंस के तहत मान्य होंगे।
वहीं, मानव संसाधन विकास मंत्री ने शिक्षा के अधिकार के तहत मुफ्त व अनिवार्य शिक्षा संशोधित बिल 2017 (नो डिटेंसन पॉलिसी) को भी लोकसभा में रखा है। मानव संसाधन विकास मंत्री प्रकाश जावडे़कर ने संसद के मानसून सत्र में दो बिल रखे, जिसमें से आईआईआईटी बिल को मंजूरी दे दी गई है।
अब पीपी (प्राइवेट पार्टनरशिप) मोड के तहत करीब 15 आईआईआईटी भी डिग्री दे सकेंगे। सरकार ने यह भी साफ कर दिया है कि इन संस्थानों में गरीब छात्रों की फीस नहीं बढ़ेगी और इन पर आरक्षण कानून लागू होगा।