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Rahul Gandhi: कांग्रेस बोली- आदेश दुर्भाग्यपूर्ण; रविशंकर ने कहा- आप अपने नेता को बोलना क्यों नहीं सिखाते

Fri, 07 Jul 2023 02:06 PM IST
काव्या मिश्रा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

मोदी उपनाम वाली टिप्पणी को लेकर आपराधिक मानहानि मामले में कांग्रेस नेता राहुल गांधी को सजा मिली थी। सजा पर रोक की मांग वाली याचिका गुजरात हाईकोर्ट ने खारिज कर दी है। अदालत के फैसले के बाद पक्ष-विपक्ष ने क्या कहा आइए जानते है।
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राहुल गांधी। - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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गुजरात हाईकोर्ट ने राहुल गांधी को एक बड़ा झटका दिया है। उनकी सजा पर रोक की मांग वाली याचिका खारिज कर दी है। साथ ही अदालत ने कड़ी टिप्पणी भी की। अदालत का फैसला आते ही पक्ष-विपक्ष की प्रतिक्रियाएं आने लगी हैं। जहां भाजपा नेताओं ने सलाह दी कि अपने नेता राहुल को ठीक से बोलना सिखाएं। वहीं, कांग्रेस ने अदालत के निर्णय को दुर्भाग्यपूर्ण बताया। 

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सत्ता पक्ष के बयान
भाजपा सांसद रविशंकर प्रसाद ने कहा कि हम कांग्रेस से पूछना चाहते हैं कि आप राहुल गांधी को नियंत्रित (कंट्रोल) क्यों नहीं कर सकते? आप उन्हें ठीक से बोलने के लिए प्रशिक्षित क्यों नहीं कर सकते? वह आपके नेता हैं। उन्होंने आगे कहा कि अगर वह इस मामले में माफी मांग लेते तो यह खत्म हो गया होता। क्या उन्होंने माफी मांगी। प्रसाद ने कहा कि प्रसिद्ध नेताओं और संगठनों के खिलाफ गाली देना, बदनाम करना और विवादित टिप्पणी करना राहुल की पुरानी आदत बन गई है।

भाजपा के नेता शहजाद पूनावाला ने भी राहुल पर तंज कसा। कहा कि कांग्रेस पार्टी और राहुल गांधी को आज एक बार फिर झटका लगा। सेशन कोर्ट के बाद गुजरात हाईकोर्ट ने भी उन्हें आईना दिखाया है। वे ओबीसी समुदाय का अपमान करते हैं और फिर माफी मांगने के बजाय अहंकार में आकर ऐसा करते हैं। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी को ओबीसी समुदाय से माफी मांगनी चाहिए, लेकिन इसके बजाय या तो उनकी पार्टी के कार्यकर्ता जज को धमकी देते हैं या कांग्रेस पार्टी न्यायपालिका पर सवाल उठाती है।
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भाजपा नेता पूर्णेश मोदी ने हाईकोर्ट के फैसले का स्वागत किया। उन्होंने अदालत की टिप्पणी, जिसमें राहुल पर और केस दर्ज होने की बात कही है, पर कहा कि राहुल को इसके बारे में सोचना चाहिए और ऐसे इतिहास नहीं बनाने चाहिए...।

केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने कहा,  ये (राहुल गांधी) खुद को कानून से ऊपर मानते हैं। आप गलती भी करो और फिर सीनाजोरी भी करो। आपको लगता है कि आप बड़े परिवार के लोग हो, आप कुछ भी कर सकते हैं लेकिन अदालत इसकी मंजूरी नहीं देती है।

विपक्ष के बयान
गुजरात हाईकोर्ट के फैसले पर कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने कहा कि उनकी पार्टी पार्टी इस लड़ाई को आगे ले जाएगी और इसे राजनीतिक और कानूनी दोनों ही तरह से लड़ेगी। खरगे ने एक ट्वीट में कहा, राहुल गांधी ने हमेशा सच की लड़ाई लड़ी है, और आगे भी लड़ते रहेंगे। उन्होंने कहा कि ललित मोदी, नीरव मोदी, विजय माल्या, जैसे भगोड़े मोदी सरकार के निगरानी में जनता के पैसे लेकर विदेश पहुंच गए हैं। वहीं, झूठी चालें चलकर राजनीतिक साजिशों के तहत कठघरे में खड़ा कर राहुल को संसद से निलंबित करा दिया गया।

उन्होंने कहा कि कांग्रेस का कोई भी नेता या कार्यकर्ता इन सब राजनीतिक साजिशों से नहीं डरता। हम राजनीतिक लड़ाई और कानूनी लड़ाई, दोनों लड़ेंगे। वहीं, कर्नाटक के उपमुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने फैसले को लोकतंत्र की हत्या करार दिया है। उन्होंने कहा कि पूरे देश और विपक्षी पार्टियां पूरी तरह राहुल गांधी के साथ खड़ी हैं।

कर्नाटक के उपमुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार ने कहा कि यह बहुत दुर्भाग्यपूर्ण है कि न्याय नहीं मिला। ये लोकतंत्र की हत्या है। मगर फिर भी पूरा देश और विपक्ष राहुल जी के साथ खड़ा है। वहीं, कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने कहा कि राहुल की संसद से अयोग्यता पर गुजरात हाईकोर्ट की एकल पीठ का फैसला हमारे संज्ञान में आया है। माननीय न्यायाधीश के तर्कों का अध्ययन किया जा रहा है, जैसा कि होना चाहिए। डॉ. अभिषेक मनु सिंघवी दोपहर 3 बजे मीडिया से इस पर विस्तार से चर्चा करेंगे। हाईकोर्ट के फैसले ने इस मामले को आगे ले जाने के हमारे संकल्प को दोगुना किया है।

कांग्रेस नेता शक्तिसिंह गोहिल ने कहा कि राहुल गांधी ने देश को लूटकर भाग गए ललित मोदी-नीरव मोदी के खिलाफ बयान दिया था। ये बात उन्होंने कर्नाटक में कही थी। सूरत कोर्ट का कोई क्षेत्राधिकार नहीं था। प्रक्रिया का पालन नहीं किया गया। राहुल गांधी के मामले में कुछ भी ठोस नहीं है। उन्होंने कहा कि हमें पूरा यकीन है कि हमें न्याय मिलेगा।

कांग्रेस के नेता पवन कुमार बंसल ने कहा कि हमने हमेशा न्यायपालिका का सम्मान किया है और इसे उच्च सम्मान में रखा है, लेकिन हमारा मानना है कि यह निर्णय गलत है। ये तथ्यों के साथ-साथ कानूनी रूप से गलत है। अदालत के फैसले से राजनीतिक भाग्य (राहुल गांधी का) तय नहीं हुआ है। यह देश की जनता ने तय किया है और देश की जनता मजबूती से राहुल गांधी के साथ है।

तिरुवनंतपुरम से कांग्रेस के सांसद शशि ने थरूर ने फैसले पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा, मैं वास्तव में इस फैसले से निराश हूं। 1947 के बाद से हमारे देश में किसी को भी आपराधिक मानहानि के मामले में दो साल की सजा नहीं दी गई है। कांग्रेस पार्टी सुप्रीम कोर्ट जाएगी। यह हमारे लोकतंत्र के लिए अच्छा नहीं है।

कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने विरोध जताया
हाईकोर्ट का फैसला आने के बाद राष्ट्रीय राजधानी स्थित पार्टी मुख्यालय में जुटे कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने विरोध जताया और नारेबाजी की। राजस्थान, छत्तीसगढ़ सहित देशभर में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने फैसले के खिलाफ प्रदर्शन किया। कांग्रेस ने सभी प्रदेश कांग्रेस समितियों को विरोध जताने के लिए कहा है।

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