हर किसी का सपना होता है कि वह अपनी डिग्री दीक्षांत समारोह में परंपरागत चोगा पहनकर हाथ में ले और उस तस्वीर को पूरी जिंदगी के लिए अपनी सुनहरी यादों में संजो ले। लेकिन एकतरफ जहां जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (जेएनयू) में वर्ष 1972 से तो कई अन्य केंद्रीय विश्वविद्यालयों में 5-5 साल से एक भी दीक्षांत समारोह का आयोजन नहीं किया गया। लेकिन अब ऐसा नहीं होगा।
राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद के निर्देश पर केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्रालय ने सभी विश्वविद्यालयों को हर साल दीक्षांत समारोह आयोजित कराने और इसकी रिपोर्ट अनिवार्य तौर से विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) को भेजने के निर्देश दिए हैं।
सूत्रों के मुताबिक, राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने कुलाधिपति के तौर पर जनवरी में 17 नए विश्वविद्यालयों और मई में 23 पुराने केंद्रीय विश्वविद्यालयों के प्रबंधन के साथ बैठक की थी। इन बैठकों में ही उन्हें दीक्षांत समारोह का आयोजन नहीं होने की जानकारी मिली थी। इसके बाद राष्ट्रपति ने केंद्र सरकार को इस बारे में ताकीद की थी। जिसके चलते ये निर्देश जारी किए गए हैं।