जम्मू कश्मीर में नई सरकार के गठन की संभावना के बीच पीडीपी अध्यक्ष महबूबा मुफ्ती की भाजपा अध्यक्ष अमित शाह से मुलाकात तो हुई, लेकिन सरकार के गठन की तारीख तय नहीं हो पाई। जम्मू कश्मीर में विश्वास के माहौल की बहाली के लिए महबूबा केंद्र सरकार की ओर से कुछ ठोस एलान चाहती हैं, जिस पर अभी बात नहीं बन पाई है।
नई सरकार के गठन में अब भी कुछ पेंच फंसे हैं। एनएचपीसी के दो प्रोजेक्टों को जम्मू कश्मीर को वापस करने के मुद्दे पर महबूबा अड़ी हुई हैं। केंद्र सरकार के समक्ष इन प्रोजेक्टों की वापसी पर कई तकनीकी दिक्कतें हैं।
इस वजह से महबूबा के साथ आधे घंटे की मुलाकात के दौरान अमित शाह कोई ठोस वादा नहीं कर पाए। गतिरोध अभी बना हुआ है, लेकिन इनको सुलझाने के लिए भाजपा महासचिव राम माधव और पीडीपी के डॉ हसीब द्राबू के बीच बातचीत में सरकार गठन के गतिरोध को समाप्त करने का फॉर्मूला तय किया जाएगा।
इसके बाद महबूबा मुफ्ती की प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात होगी। महबूबा ने जोर दिया है कि सरकार गठन के पहले मोदी से मुलाकात जरूरी है। इस पर शाह ने हामी भर दी है।
महबूबा की रविशंकर और अमित शाह से मुलाकात
इस दो दिन में मुलाकात होगी। दोनों दल चुनाव टालना चाहते हैं, इसलिए दोनों के बीच निकटता बढ़ी है। सूत्रों के मुताबिक अमित शाह ने महबूबा से कहा है कि वह सरकार गठन से पहले किसी शर्त पर जोर नहीं दें। पहले सरकार गठित हो जाए, उसके बाद समन्वय समिति की बैठकों में एक-एक मुद्दों पर विस्तार से बातचीत संभव है।
इसके पहले विश्वास बहाली के लिए वित्त मंत्री अरुण जेटली और गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने पहल की है। जेटली ने जम्मू कश्मीर को अतिरिक्त सहायता का वादा किया है और गृह मंत्रालय ने सभी राज्यों को एडवाइजरी जारी कर कश्मीरी छात्रों के मुद्दे पर संयम के साथ कदम उठाने की सलाह दी है।
देश के कई हिस्सों में कश्मीरी छात्रों के खिलाफ मामले दर्ज हुए हैं और जेएनयू प्रकरण में कश्मीरी छात्रों से पूछताछ हो रही है। कुछ राज्यों में कश्मीरी छात्रों की गिरफ्तारी भी हुई है। पीडीपी अध्यक्ष महबूबा ने कश्मीरी छात्रों की सुरक्षा पर जोर दिया था। इसी मांग के तहत गृहमंत्रालय ने एडवाइजरी जारी की है।
पाकिस्तान से संबंधों में सुधार और बातचीत भी पीडीपी की शर्तों में शुमार है। विदेश मंत्री सुषमा स्वराज और सरताज अजीज की नेपाल में मुलाकात के बाद पीडीपी की यह शर्त भी पूरी हुई है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और नवाज शरीफ की वाशिंगटन में संभावित मुलाकात को भी पीडीपी दोनों देशों के बीच बेहतर संबंधों के लिए पहल मानते हुए इसका स्वागत किया है।
लिहाजा अब पीडीपी सरकार गठन की ओर कदम बढ़ा रही है। सूत्रों के मुताबिक भाजपा ने स्पष्ट कर दिया है कि सरकार गठन से पहले बहुत सारी शर्तें पूरी नहीं हो सकतीं और इससे गतिरोध बढ़ेगा। पुराने एजेंडे पर प्रतिबद्धता जताते हुए पहले सरकार का गठन हो और बाद में एक-एक मुद्दे पर समन्वय समिति की बैठकों में चर्चा की जाए।