तीर्थों के राजा प्रयागराज में 13 फरवरी से महाकुंभ लगने जा रहा है, जिसकी तैयारियों में पूरा प्रशासन जोर-शोर से जुटा है। इस बीच, खबरें आ रही थीं कि महाकुंभ मेले के दौरान यात्रियों को टिकट नहीं लेना पड़ेगा। मगर अब इन अफवाहों पर रेल मंत्रालय ने विराम लगा दिया है। उसने स्पष्ट किया कि यात्रियों को निशुल्क यात्रा की अनुमति देने की खबरें पूरी तरह से आधारहीन और भ्रामक हैं।
'खबरें पूरी तरह से निराधार और भ्रामक'
भारतीय रेलवे ने कहा, 'भारतीय रेलवे के संज्ञान में आया है कि कुछ मीडिया रिपोर्ट में दावा किया गया है कि महाकुंभ मेले के दौरान यात्रियों को मुफ्त यात्रा करने की अनुमति दी जाएगी। हम इन रिपोर्टों का स्पष्ट रूप से खंडन करते हैं, क्योंकि वे पूरी तरह से निराधार और भ्रामक हैं।'
बिना टिकट यात्रा करना अपराध
मंत्रालय ने आगे कहा, 'भारतीय रेलवे के नियमों और विनियमों के तहत बिना वैध टिकट के यात्रा करना सख्ती से मना है और यह एक दंडनीय अपराध है। महाकुंभ मेला या किसी अन्य अवसर पर मुफ्त यात्रा की कोई व्यवस्था नहीं है।'
रेलवे ने कहा, भारतीय रेलवे महाकुंभ के दौरान यात्रियों के लिए सुगम यात्रा सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है। यात्रियों की बड़ी संख्या को देखते हुए, खासतौर पर यात्रा के दौरान, रेलवे ने विशेष होल्डिंग क्षेत्र, अतिरिक्त टिकट काउंटर और अन्य जरूरी सुविधाओं की व्यवस्था की है।
क्या है मामला?
मीडिया रिपोर्ट में कहा जा रहा था, भारतीय रेलवे कुंभ में आने वाले श्रद्धालुओं से जुड़ा एक प्रस्ताव केंद्र सरकार को भेजा है, जिसमें कहा गया है कि कुंभ से लौटने वाले यात्रियों को जनरल कोच में यात्रा के लिए टिकट खरीदने की जरूरत नहीं होगी। अगर इस प्रस्ताव पर मुहर लगती है तो कुंभ से लौटते वक्त जनरल डिब्बे के लिए यात्रियों को टिकट की आवश्यकता नहीं होगी, यही नहीं कुंभ के लिए भारतीय रेलेव करीब 13000 ट्रेनें भी चलवाने वाला है। हालांकि, अब इन खबरों का रेलवे ने पूरी तरह से खंडन कर दिया है।