मंत्री की भाषा तानाशाह राजनीति
जिला अस्पताल में कार्यरत कर्मचारी वर्तमान में ठीक ढंग से कार्य संपादित कर रहे हैं। कोई राजनीति नहीं की जा रही है। राज्यमंत्री की यह भाषा भाजपा की तानाशाही राजनीति को दर्शाती है। यदि कोई कर्मचारी की नियुक्ति की जाती है। तो इसके लिए किसी पार्टी का होना आवश्यक नहीं होना चाहिए।
दुर्गा प्रसाद कुशवाहा, कांग्रेस जिलाध्यक्ष
मंत्री के शब्द द्वेष से प्रेरित
सरकारी विभागों में कार्यरत कर्मचारी किसी भी पार्टी के नहीं हो सकते हैं। वह जनता के सेवक के रूप में कार्यरत रहते हैं। राज्यमंत्री द्वारा लिखे गए यह शब्द भाजपा की संकुचित सोच और द्वेष भावना को प्रकट करते हैं।
-कैलाश नारायण कुशवाहा, बसपा जिलाध्यक्ष
भाजपा कार्यकर्ता राजनीति नहीं करेंगे इसकी क्या गारंटी
सपा के समय में की गई नियुक्तियों में कर्मठ और मेहनती कर्मचारियों को नियुक्त किया गया है। इसमें कोई भी कर्मचारी पार्टी की गतिविधियों में भाग नहीं लेता है। राज्यमंत्री खुद बताएं कि पत्र के अनुसार नियुक्त होने वाले भाजपा कार्यकर्ता राजनीति नहीं करेंगे इसकी क्या गारंटी है। राज्यमंत्री द्वारा लिखा गया पत्र द्वेष भावना की राजनीति और भाजपा की ओछी राजनीति का प्रदर्शन करती है।
ज्योति सिंह लोधी, सपा जिलाध्यक्ष