इतना ही नहीं, हर अस्पताल में मरीजों को दिशा निर्देश देने और उनकी इलाज से जुड़ी परेशानी दूर करने के लिए सरकार ने आयुष्मान मित्र की तैनाती का निर्णय लिया है। इन आयुष्मान मित्रों को अस्पताल की ओर से ही वेतन दिया जाएगा।
जिला-राज्य स्तर पर दे सकेंगे शिकायत
सरकार ने मरीजों को भी बड़ी राहत देते हुए अस्पताल में इलाज न मिलने पर राज्य और जिला स्तर पर अपनी शिकायत दर्ज कराने का प्रावधान किया है। जिला स्तर पर बनने वाली कमेटी डीजीआरसी का चेयरमैन जिला मजिस्ट्रेट को बनाया जाएगा। साथ ही राज्य स्तर की कमेटी में राज्य का सीईओ चेयरमैन होगा। 15 दिन के अंदर शिकायत का निपटारा होगा। समाधान न होने की दिशा में राष्ट्रीय कमेटी संज्ञान लेगी। इस पूरी प्रक्रिया की दिल्ली से मानीटरिंग की जाएगी।