बिहार के चर्चित मुजफ्फरपुर आश्रय गृह मामले के मुख्य आरोपी ब्रजेश ठाकुर ने बच्चों के कल्याण के लिए मिले सरकार फंड का इस्तेमाल निजी लाभ और गैरकानूनी गतिविधियों के लिए किया था। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की जांच में यह खुलासा हुआ है। एजेंसी ने ब्रजेश ठाकुर, उसके परिवार के सदस्यों व अन्य के खिलाफ पिछले साल अक्तूबर में मनी लॉन्ड्रिंग का मामला दर्ज किया था।
ईडी ने अपनी जांच में कहा है कि एनजीओ सेवा संकल्प विकास समिति के बैंक खातों के जरिये ठाकुर और उसके परिवार के सदस्यों के खातों में बड़ी रकम जमा कराई गई। यह रकम उनके निजी इस्तेमाल के लिए थी। इससे पता चला कि बच्चों के कल्याण के लिए सरकार व अन्य स्रोतों से मिले धन को ठाकुर ने छुपाया, गैरकानूनी तरीके से हस्तांतरित किया।
जांच रिपोर्ट में कहा गया कि एनजीओ के बैंक खातों से अन्य लोगों के खातों में धन को अवैध तरीके से हस्तांतरित किया गया। जिसके बाद उन्होंने रकम को अपने खातों से निकालकर ठाकुर के सुपुर्द कर दिया। इस रकम का इस्तेमाल सीधे तौर पर ठाकुर के बेटे के मेडिकल कॉलेज की फीस चुकाने के लिए किया गया।