संसद के शीतकालीन सत्र के बाकी बचे तीन कार्यदिवस भी हंगामे की भेंट चढ़ने के आसार हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जनसभा में विपक्ष पर संसद में नहीं बोलने देने के आरोप ने सरकार और विपक्ष के बीच सुलह सफाई की अंतिम उम्मीद भी खत्म कर दी है। विपक्ष जहां अब प्रधानमंत्री के संसद में नहीं बोलने देने के आरोप को मुद्दा बनाने की तैयारी में है, वहीं भाजपा ने शेष कार्यदिवस में अगस्ता वेस्ट लैंड हेलीकॉप्टर घोटाले को तूल देने का मन बनाया है।
गौरतलब है कि इस घोटाले में गिरफ्तार पूर्व वायुसेना प्रमुख त्यागी ने प्रधानमंत्री कार्यालय को भी घसीट लिया है। गौरतलब है कि नोटबंदी के फैसले के बाद शुरू हुई शीतकालीन सत्र की कार्यवाही पहले ही दिन से हंगामे की भेंट चढ़ती आ रही है। कांग्रेस महासचिव रणदीप सिंह सुरजेवाला ने कहा कि विपक्ष पहले ही दिन से संसद में सिर्फप्रधानमंत्री के बयान की मांग कर रहा है।
राज्यसभा में वित्त मंत्री और सदन के नेता अरुण जेटली कहते हैं कि पीएम के पास दूसरे काम भी होने के कारण वह संसद में नहीं बैठ सकते। जबकि प्रधानमंत्री आरोप लगाते हैं कि उन्हें संसद में विपक्ष बोलने नहीं दे रहा। सरकार और प्रधानमंत्री संसद में जवाब देने से भाग रहे हैं और आरोप विपक्ष पर लगा रहे हैं। निश्चित तौर पर पार्टी संसद में इस सवाल को पूरी ताकत से उठाएगी।
दूसरी ओर भाजपा के राष्ट्रीय सचिव श्रीकांत शर्मा ने कहा कि विपक्ष के पास कोई मुद्दा नहीं है। नोटबंदी पर पूरा देश प्रधानमंत्री के फैसले के साथ खड़ा है। हालत यह है कि यूपीए ढाई साल पहले ही सत्ता से विदा हो चुकी है, मगर उसके भ्रष्टाचार के कारनामे अब तक सामने आ रहे हैं। इस दौरान मोदी सरकार पर एक भी अंगुली नहीं उठी। जाहिर तौर पर पूर्व वायु सेना प्रमुख त्यागी के आरोप बेहद गंभीर हैं। चूंकि सत्र चल रहा है कि ऐसे में संसद में कांग्रेेस से सवाल पूछा जाना लाजिमी है।