उद्योग जगत के शीर्ष नेताओं ने शनिवार को कहा कि आरबीआई गवर्नर रघुराम राजन द्वारा दूसरा कार्यकाल नहीं लेने का निर्णय देश के बड़ा नुकसान होगा क्योंकि उन्होंने आर्थिक स्थिरता लाने के साथ वैश्विक मंच पर भारत की विश्वसनीयता बढ़ाई थी
आनंद महिंद्रा, दीपक पारेख, एनआर नारायणमूर्ति, किरण मजूमदार शॉ, मोहनदास पई के नेतृत्व में भारतीय कंपनियों ने उम्मीद जताई कि राजन का उत्तराधिकारी उनके ‘अच्छे कामों’ को आगे बढ़ाएगा। हालांकि, उद्योग चैंबर सीआईआई और फिक्की ने राजन के निर्णय पर टिप्पणी करने से इनकार कर दिया।
एचडीएफसी के अध्यक्ष दीपक पारेख ने कहा, ‘उन्हें (रघुराम राजन) को खोना अफसोस की बात है। मैं चकित हूं कि किन वजहों से गवर्नर ने यह कदम उठाया। मुझे पूरा भरोसा है कि सरकार ने सही समय पर उन्हें दूसरे ज्यादातर गवर्नरों की तरह दो साल का अतिरिक्त कार्यकाल देने पर विचार किया होगा।’
आरपीजी एंटरप्राइजेज के अध्यक्ष हर्ष गोयनका ने कहा, ‘विश्वविख्यात, महंगाई से लड़ने वाले, अर्थशास्त्र के गुरु, स्वतंत्र विचारों वाले और बैंक के लिए सर्जन रघुराम राजन का जाना राष्ट्र की क्षति है।’ पूर्व मुख्य आर्थिक सलाहकार कौशिक बसु ने ट्वीट कर कहा, ‘भारत की कीमत पर स्वामी ने अपना रास्ता बनाया है। कहीं भी केंद्रीय बैंक के गवर्नरों में रघु सबसे अच्छे रहे हैं।’
Published By: Amit Tiwari