केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह की पत्नी सोनल शाह ने सीआरपीएफ के आयोजित एक कार्यक्रम में कहा कि केंद्रीय अर्धसैनिक बलों के 50 लाख परिवार सीएपीएफ कैंटीन में स्वदेशी उत्पादों का आनंद लेंगे।
केंद्रीय अर्धसैनिक बलों में करीब दस लाख कर्मी हैं। उन्होंने सीएपीएफ कर्मियों और उनके परिवारों से आह्वान किया कि वे खुद स्वदेशी उत्पादों का इस्तेमाल करें और दूसरों को भी इसके लिए प्रोत्साहन दें।
सोनल शाह ने सोमवार को सीआरपीएफ फैमिली वेलफेयर एसोसिएशन की 25वीं वर्षगांठ पर आयोजित कार्यक्रम में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए भाग लिया।
शाह ने कोरोना वायरस संक्रमण की लड़ाई में सीआरपीएफ द्वारा निभाई गई प्रभावी भूमिका की प्रशंसा करते हुए कहा, भारत सरकार ने इस वैश्विक महामारी से अपने जवानों को बचाने के लिए कई तरह के कदम उठाए हैं।
कार्यक्रम के प्रारंभ में उन्होंने लद्दाख की गलवां घाटी में शहीद हुए बीस बहादुर सैनिकों को अपनी श्रद्धांजलि दी। शाह के मुताबिक, देश के लिए शहीद होने वाले इन सैनिकों के परिवारों के साथ आज सारा राष्ट्र खड़ा है।
सीआरपीएफ फैमिली वेलफेयर एसोसिएशन का जिक्र करते हुए सोनल शाह ने कहा, यह संगठन सीआरपीएफ की महिलाओं को आत्मनिर्भर और सशक्त बनाने में कारगर साबित हुआ है।
सीआरपीएफ के डीजी डॉ. एपी महेश्वरी ने कहा, हमारे बल का यह संगठन किसी भी तरह की चुनौती के दौरान कंधे से कंधा मिलाकर काम करता है। इसके तहत पौधारोपण, दिव्यांग लोगों की मदद, साक्षरता मिशन और दूसरे कल्याण कार्य किए जाते हैं।
सीआरपीएफ और सीडब्लूए मिलकर 20 जुलाई 2020 तक 22 लाख पौधे लगाएगी। सीडब्लूए की कार्यकारी अध्यक्ष नाहिद सुल्ताना ने कहा, यह संगठन 1995 से काम कर रहा है।
इस संगठन ने खासतौर पर शहीदों के परिवारों के लिए अनेक कार्य किए हैं। सोनल शाह ने इस मौके पर संगठन की सिल्वर जुबली मिशन स्टेटमेंट 'सशक्त परिवार, सबल राष्ट्र का आधार' का विमोचन किया।