केरल भारत के दक्षिण-पश्चिम में स्थित एक ऐसा राज्य है जिसे 'गौड्स ओन कंट्री' भी कहा जाता है। अरब सागर के किनारे पश्चिमी घाट से रेखांकित यह राज्य अपने अप्रतिम प्राकृतिक सौंदर्य के कारण पर्यटन की दृष्टि से आकर्षण का केंद्र रहा है। परंतु 8 अगस्त, 2018 से, निरन्तर हो रही वर्षा के कारण बाढ़ के रूप में आयी प्राकृतिक आपदा ने वहां
तबाही मचा दी है।
इदुक्की, कोहिकोड, मलप्पुरम, कन्नूर, वायनाड, आदि पश्चिमी घाट से सटे हुए कुछ ऐसे जिले हैं जो कि सबसे अधिक प्रभावित हुए हैं। इनमें चेंगनूर नामक स्थान सबसे अधिक प्रभावित हुआ था जहां चार सौ से अधिक जन समुदाय बेघर हो गए। हालांकि, सेना व राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एन.डी.आर.एफ.) के जवानों ने अपने अथक प्रयासों द्वारा अनेक लोगों को बचाया है और पूरे देश के लोगों ने उनकी सहायता के लिए खाना पानी, दवाईयां तथा अन्य आवश्यकता की वस्तुएं भी प्रदान की है। वर्तमान स्थिति में जलस्तर तो कम हो चुका है, परंतु उन जगहों पर उपस्थित जन-धन पूर्ण रूप से ध्वस्त हो चुके हैं। अधिकतर लोग राहत शिविरों में रह रहे हैं। उनके पास रहने को घर नहीं बचे हैं। यदि कुछ शेष रह गया है तो केवल विध्वस्त वातावरण तथा सबकुछ खो देने का दर्द।
दि हंस फाउन्डेशन इन असहायों के दर्द व असहायता को दूर करना चाहती है। उनके लिए यह एक उम्मीद की किरण के रूप में प्रस्तुत है। दि हंस फाउंडेशन ने चेंगन्नूर में 400 घरों को जो बाढ़ से ग्रसित हैं या ध्वस्त हो गए हैं उन्हें पुनः बनवाने का निर्णय लिया। फाउंडेशन की टीम ने ग्राउंड पर जा के स्वंय सबसे जरूरतमंद परिवारों का चयन किया और
उन्हें घर बनवाने का सामान प्रदान किया दि हंस फाउन्डेशन उन बाढ़ ग्रस्त क्षेत्रों की बुनियादी सुविधाओं को पुनः मजबूत करना चाहती है, जिसमें आप सभी देशवासियों का योगदान व सहयोग सराहनीय रहेगा।