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यशवंत सिन्हा के हमले से बैकफुट पर सरकार, बचाव में उतरे राजनाथ

Thu, 28 Sep 2017 07:34 PM IST
शशिधर पाठक/ अमर उजाला, नई दिल्ली
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पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की आर्थिक नीति की मुख्य कड़ी रहे यशवंत सिन्हा के हमले ने सरकार की परेशानी बढ़ा दी है। पूर्व वित्तमंत्री ने केन्द्र सरकार की आर्थिक नीति पर करारा हमला बोला है।
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इसके बचाव में खुद गृहमंत्री राजनाथ सिंह उतर आए हैं। रेल मंत्री पीयूष गोयल ने भी भारतीय अर्थव्यस्था को दुरुस्त बताया है। वहीं भारतीय मजदूर संघ के महासचिव ने भी मोदी सरकार की आर्थिक नीतियों की तारीफ की है।

गृह मंत्री राजनाथ सिंह आर्थिक मामलों में कम बोलते हैं, लेकिन बुधवार को उन्होंने यशवंत सिन्हा के लेख में सरकार पर हमले से बचाव किया। राजनाथ सिंह ने कहा कि भारत दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती हुई अर्थव्यवस्था है और यह दस्तावेजों में भी दर्ज है।
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उन्होंने कहा कि पूरा विश्व स्वीकार कर रहा है कि भारत की अर्थव्यस्था तेजी से बढ़ रही है। गृहमंत्री ने कहा कि हमें यह नहीं भूलना चाहिए कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत की बढ़ती हुई अर्थव्यवस्था का दुनिया लोहा मान रही है। भारत की विश्वसनीयता स्थापित हुई है। राजनाथ सिंह के इस बयान को काफी अहम माना जा रहा है।

रेलमंत्री पीयूष गोयल ने भी यशवंत सिन्हा के लेख पर अपनी प्रतिक्रिया दी है। गोयल ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में भारत दुनिया की तेजी से बढ़ती हुई अर्थव्यवस्था है।

इस तथ्य को झुठलाया नहीं जा सकता। भारतीय मजदूर संघ के महासचिव बृजेश उपाध्याय भी सामने आए। उन्होंने कहा कि यसवंत सिन्हा एक राजनीतिक व्यक्ति हैं।

भारतीय मजदूर संघ उनसे इत्तेफाक नहीं रखता। उपाध्याय के अनुसार अर्थव्यवस्था को लेकर अर्थशास्‍त्रियों की राय भी भिन्न है। जहां तक मजदूर के नजरिए से वह देख रहे हैं, इस विषय में अभी कोई भी अंतिम राय बनाना जल्दबाजी होगी।

बृजेश उपाध्याय ने कहा कि देश की अर्थ व्यवस्था सही दिशा में आगे बढ़ रही है। मजदूर सामाजिक सुरक्षा के दायरे में तेजी से आ रहा है और उन्हें अर्थव्यवस्था कुछ भी गड़बड़ नहीं दिखाई दे रहा है।
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यशवंत के राजनीतिक मायने

यशवंत सिन्हा राजनीति में स्पष्टवादी रहे हैं। वह अटल बिहारी वाजपेयी की सरकार में वित्तमंत्री थे और अर्थव्यस्था की रफ्तार को सही दिशा देने में सफल रहे थे।

उनके कार्यकाल में सकल घरेलू उत्पाद की स्थिति भी संतोष जनक थी। ऐसे में यशवंत सिन्हा ने अपनी बात कहकर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की आर्थिक नीति पर बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है।

इससे जहां पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह, पूर्व वित्त मंत्री पी चिदंबरम, कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी द्वारा उठाए जा रहे मुद्दों को बल मिल गया है, वहीं भाजपा और संघ के बीच में भी हलचल बढ़ गई है।

यशवंत सिन्हा ने ऐसे समय में यह लेख लिखा है, जब गुजरात और हिमाचल राज्य विधानसभा चुनाव होने हैं। व्यवसाय, व्यापार, रोजगार की दृष्टि से अहम गुजरात राज्य में विधान सभा चुनाव भाजपा के गले की हड्डी बना हुआ है।
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