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कोरोना काल में सरकारी कर्मियों को मिलने जा रहा है एरियर का विकल्प, इस बार चूके तो फिर नहीं मिलेगा मौका

Sat, 17 Apr 2021 06:37 PM IST
Harendra Chaudhary जितेंद्र भारद्वाज, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

वित्त मंत्रालय के मुताबिक सरकारी कर्मचारी अब 15 अप्रैल 2021 से तीन माह की अवधि यानी 15 जुलाई तक अपना विकल्प दे सकते हैं...
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दफ्तर में काम करता कर्मचारी - फोटो : PTI (फाइल फोटो)
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विस्तार
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केंद्र सरकार ने अपने कर्मियों को एरियर और वेतन बढ़ोतरी का एक बेहतर विकल्प प्रदान किया है। वित्त मंत्रालय के व्यव विभाग द्वारा जारी आदेशों में कहा गया है कि जिन कर्मियों को एक जनवरी 2016 को अथवा इसके बाद नियमित पदोन्नति या वित्तीय उन्नयन प्रदान किया गया है, वे अब मूल नियम 22 (1) (क) के तहत अपने वेतन निर्धारण के लिए विकल्प का प्रयोग कर सकते हैं। इससे पहले यह आदेश 28 नवंबर 2019 को जारी हुआ था। उस वक्त कर्मियों को अपना विकल्प देने के लिए एक माह का समय दिया गया था। तब अनेक कर्मी अपना विकल्प नहीं दे सके। लेकिन अब उन्हें दोबारा से एक अंतिम अवसर दिया जा रहा है।

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सभी कर्मी यह विकल्प दे सकते हैं कि उनका वेतन निर्धारण पुराने स्केल में वेतन वृद्धि लगाकर कर दिया जाए या नए यानी मौजूदा स्केल के तहत पदोन्नति के साथ वेतन निर्धारित किया जाए। अब जो भी कर्मी अपना विकल्प देंगे, उन्हें पिछला एरियर भी मिलेगा। इसके अलावा जो कर्मचारी उक्त अवधि में रिटायर हो गए हैं, वे भी अपना दावा कर सकते हैं।  

वित्त मंत्रालय के व्यय विभाग के अनुसार, विभिन्न मंत्रालयों और विभागों की तरफ से भारी संख्या में ऐसे अभ्यावेदन प्राप्त हुए हैं, जिनमें वेतन निर्धारण के विकल्प का इस्तेमाल करने का एक अतिरिक्त अवसर देने की बात कही गई है। कर्मियों ने अपने अभ्यावेदनों में कहा है कि पिछली बार हुए विलंब को माफ कर दिया जाए। वे किन्हीं कारणों से वेतन निर्धारण का विकल्प नहीं दे सके थे।
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इस बारे में वित्त मंत्रालय ने विचार विमर्श करने के बाद यह आदेश दिया है कि सरकारी कर्मियों को 28 नवंबर 2019 को जारी कार्यालय ज्ञापन के अनुसार विकल्प देने की जो अनुमति प्रदान की गई थी, अब उसे मौजूदा कार्यालय ज्ञापन जारी होने की तिथि से तीन माह तक बढ़ा दिया गया है। इसका मतलब है कि सरकारी कर्मचारी अब 15 अप्रैल 2021 से तीन माह की अवधि यानी 15 जुलाई तक अपना विकल्प दे सकते हैं।

मंत्रालय ने यह बात साफ कर दी है कि भविष्य में किसी भी परिस्थिति में विकल्प का प्रयोग करने के लिए तारीख बढ़ाने या शर्तों में छूट देने संबंधी किसी भी अनुरोध पर विचार नहीं किया जाएगा। इसके अलावा 28 नवंबर 2019 को जारी कार्यालय ज्ञापन की अन्य सभी शर्तें अपरिवर्तित रहेंगी।
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