एमएसीटी ने 2018 में ऑटोरिक्शा दुर्घटना में मारे गए 40 वर्षीय व्यक्ति के परिवार को 26.21 लाख रुपये का मुआवजा देने का आदेश दिया है। न्यायाधिकरण ने पाया कि यह दुर्घटना ऑटोरिक्शा चालक की तेजी गति और लापरवाही से गाड़ी चलाने के कारण हुई थी।
महाराष्ट्र के ठाणे में 2018 में सड़क दुर्घटना में मारे गए एक व्यक्ति के परिवार को 26.2 लाख रुपये का मुआवजा मिलेगा। मोटर दुर्घटना दावा न्यायाधिकरण (एमएसीटी) ने मृतक के परिवार की अपील पर ऑटो चालक और बीमा कंपनी को दोषी मानते हुए मुआवजे का भुगतान करने का आदेश दिया।
दुर्घटना की वजह
न्यायाधिकरण ने पाया कि 4 मई, 2018 को हुई यह दुर्घटना ऑटोरिक्शा चालक की तेजी गति और लापरवाही से गाड़ी चलाने के कारण हुई थी। उन्होंने बतााय कि दुर्घटनाग्रस्त वाहन चालक तंबाकू जैसा कोई पदार्थ चबा रहा था। उसका तंबाकू का पैकेट ऑटोरिक्शा में गिर गया। जब वह उसे उठाने के लिए नीचे झुका तब वाहन पर से नियंत्रण खो बैठा, जिससे वाहन सड़क किनारे एक पेड़ से टकरा गया। एमएसीटी ने आगे कहा कि मृतक, जो एक लॉजिस्टिक्स कंपनी में काम करता था की ओर से कोई सहभागी लापरवाही का सबूत नहीं था।
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बीमा कंपनी की दलील हुई खारिज
बीमा कंपनी बजाजा आलियांज जनल इंश्योरेंस कंपनी लिमिटेड ने दावा किया था कि पॉलिसी फर्जी और मनगढ़ंत थी और वाहन मालिक को पूरी तरह से जिम्मेदार ठहराया। एमएसीटी ने इसे दलील को पूरी तरह से खारिज कर दिया।
नौ प्रतिशत ब्याज के साथ तय हुआ मुआवजा
न्यायाधिकरण ने आर्थिक नुकसान, भविष्य की संभावनओं, अंतिम संस्कार का खर्च और अन्य खर्चों की गणना और याचिका की तिथी से 9 प्रतिशत वार्षिक ब्याज के साथ कुल 26.2 लाख रुपये का मुआवजा निर्धारित किया।