फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

देश की इस पेपरलेस और माइकलेस विधानसभा में नहीं हो सकेगा 'दंगल'

Sat, 04 Mar 2017 09:11 PM IST
योगेश नारायण दीक्षित
विज्ञापन
विज्ञापन
यूपी से तमिलनाडु तक की विधानसभा में विधायकों के बीच माइकतोड़ संघर्ष और कपड़ा फाड़ प्रदर्शन से लोकतंत्र का जो मखौल उड़ चुका है, उसकी पुनरावृत्ति रोकने की राह दिखाएगी आंध्र प्रदेश की नई एसेंबली बिल्डिंग।
विज्ञापन


इसमें न कोई माइक तोड़कर हंगामा कर सकेगा और न ही पोडियम पर चढ़कर प्रदर्शन कर सकेगा। राज्य की नई राजधानी अमरावती में बने इस अत्याधुनिक  भवन में विधानसभा का पहला सत्र 6 मार्च से शुरू हो रहा है।

आंध्र प्रदेश विधानसभा के स्पीकर के. शिव प्रसाद राव ने अमर उजाला को बताया कि तकनीक का सहारा लेकर पेपरलेस, माइकलेस और पोडियम लेस विधानसभा सदन चलाने का प्रयोग वह इस नए भवन में करने जा रहे हैं।
विज्ञापन


यहां विधायकों की मेज पर ही इलेक्ट्रानिक वोटिंग सिस्टम और सारी सूचना प्रणाली का तंत्र होगा। ये सिस्टम मेज में ऐसे फिट किया गया है जिसे न तोड़ा जा सकेगा, न निकाला जा सकेगा।
 

भारतीय भाषाओं का सम्मान

विधानसभा के स्पीकर के मुताबिक विधायकों की मेज में ऐसा लैंग्वेज इंटरप्रेटर फिट किया गया है जो हिंदी और दूसरी भारतीय भाषाओं में दिए गए भाषण को स्थानीय तेलुगू भाषा में अनुवादित कर देगा। इससे दूसरे राज्यों से आने वाले प्रतिनिधिमंडलों को आंध्र के जनप्रतिनिधियों से संवाद में सहूलियत मिल सकेगी।

विधानसभा अध्यक्ष खुद भी सात फिट की ऊंचाई पर बैठकर हर सदस्य का ध्यान रख सकेंगे। तेलंगाना राज्य के गठन के बाद भी आंध्र प्रदेश को हैदराबाद में 10 साल तक  विधानसभा और विधान परिषद की कार्यवाही चलाने का अवसर था।

लेकिन, सीएम चंद्रबाबू नायडू ने महज 192 दिनों में नई राजधानी में नए विधानसभा भवन का निर्माण कर वहीं बजट सत्र आहुत कर दिया।
विज्ञापन

बीएचयू में महामना से मिली प्रेरणा

-
बीएचयू में एमएस की पढ़ाई के दौरान मुझे महामना मदन मोहन मालवीय के व्यक्तित्व से बहुत प्रेरणा मिली। भारतीय भाषाओं और नई तकनीक का संगम ये विधानसभा और विधान परिषद की बिल्डिंग है। सीएम चंद्रबाबू नायडू ने इसमें आईटी का भरपूर इस्तेमाल कर लाजवाब बना दिया है।
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें