आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन चंद्रबाबू नायडू ने गुरुवार को दिल्ली में कहा कि इस देश को नरेंद्र मोदी के जैसी मजबूत सरकार नहीं चाहिए। पीएम मोदी ने प्रचंड जनशक्ति की ताकत पाकर देश की हर संवैधानिक संस्था को कमजोर करने का काम किया जबकि वे किसी भी मोर्चे पर अच्छा प्रदर्शन नहीं कर सके। उन्होंने कहा कि इससे पहले देश ने पीवी नरसिम्हा राव की सरकार भी देखी है जो अल्पमत में थी लेकिन जिसने देश के विकास के लिए बहुत अच्छा काम किया। इसके पहले उत्तर प्रदेश की मुख्यमंत्री मायावती भी केंद्र में ‘मजबूत नहीं, मजबूर सरकार’ की वकालत कर चुकी हैं।
एनडीए गठबंधन में कन्वेनर की भूमिका निभा चुके चंद्रबाबू नायडू ने गुरुवार को राहुल गांधी, शरद पवार, गुलाम नबी आजाद, शारद यादव से मुलाकात की और गैर भाजपाई दलों को एक साथ लाने की कोशिश की। एक हफ्ते के भीतर यह उनकी दूसरी दिल्ली यात्रा थी।
भाजपा के खिलाफ बाकी सभी पार्टियों को एक मंच पर लाने की कोशिश कर रहे चंद्रबाबू नायडू ने कहा कि आज समय की जरुरत है कि सभी अपने पुराने मतभेद भूलकर एक साथ आयें और देश के लोकतंत्र की रक्षा करें। शरद पवार, शरद यादव, अरविंद केजरीवाल जैसे बहुत सारे नेताओं से मेरी बात हो चुकी है और उन सबने एक मंच पर आने के लिए सहमती बनी है। कुछ अन्य दलों से भी वे एक साथ आने की अपील करेंगे। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश में वे अखिलेश यादव और मायावती को भी एक साथ आकर चुनाव लड़ने की बात कहेंगे।
आंध्रप्रदेश को स्पेशल स्टेटस देने की मांग पर इसी साल की शुरुआत में एनडीए से अलग हो चुके नायडू के मुताबिक़ अभी यह प्राथमिक स्तर की बात है। सीटों के बारे में अभी फिलहाल कोई समझौता नहीं किया गया है। इसके बारे में अंतिम फैसला गठबंधन की शक्ल स्पष्ट होने के बाद स्थानीय नेताओं की सहमती के बाद लिया जाएगा। उन्होंने कहा कि अभी इस गठबंधन की जरूरत राष्ट्रीय स्तर के चुनाव के लिए ही बनाया जा रहा है। भविष्य में राज्यस्तरीय गठबंधन की संभावनाओं पर विचार किया जाएगा। लेकिन अभी इस स्तर पर कोई विचार नहीं किया गया है।