देश में जारी कोरोना की खतरनाक दूसरी लहर के बीच देश के स्वास्थ्य सेवा महानिदेशक यानी डीजीएचएस डाॅ. सुनील कुमार ने बताया कि कोरोना की मौजूदा चेन कैसे टूटेगी? डाॅ. कुमार ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि यह चेन तोड़ने में कोरोना वैक्सीन व कोविड से बचाव के नियमों का पालन यानी कोविड प्रोटाकाॅल ही मुख्य भूमिका निभाएगा। हमें सरकार व उसके द्वारा उठाए जा रहे कदमों पर भरोसा रखना होगा।
डीजीएचएस डाॅ. कुमार ने कहा कि कोरोना रोधी वैक्सीन को लेकर बहुत अफवाहें फैल रही हैं, जबकि इनके कोई साइड इफेक्ट नहीं हैं या बहुत नगण्य हैं। वैक्सीन और कोविड से बचाव के प्रोटोकाॅल का पालन, ये दो चीजें हैं, जो हमें कोरोना चेन तोड़ने में मदद कर सकती हैं।
उन्होंने कहा कि 2020 नया वायरस लेकर आया और हम इसके लिए तैयार नहीं थे। केंद्र सरकार ने अपनी जिम्मेदारी निभाई और इसके परीक्षण की क्षमता तैयार की। हमें हमारी सरकार पर भरोसा रखना चाहिए। उसने वैज्ञानिक ढंग से, डाॅक्टरों व महामारी रोग विशेषज्ञों की सलाह से ठोस कदम उठाए। लोगों को जिम्मेदारी पूर्वक व्यवहार करना चाहिए और मोबाइल पर आने वाले संदेशों पर ध्यान नहीं देना चाहिए। ऐसा व्यवहार समाज के सभी वर्ग के लोगों को करना होगा।
टीकाकरण का चौथा चरण एक मई से
भारत में टीकाकरण 16 जनवरी को शुरू हुआ था। अभी देश में कोविशील्ड व कोवैक्सीन का इस्तेमाल हो रहा है। पहले चरण में फ्रंट लाइन वर्करों को टीके लगाए गए। दूसरे चरण में 60 से ज्यादा उम्र के लोगों को टीके लगे और तीसरे चरण में एक मार्च से 45 साल से अधिक उम्र के लोगों को टीके लगे। चैथे चरण में 1 मई से 18 साल से ज्यादा उम्र के लोगों को टीके लगाए जाएंगे। बता दें कि देश में अब तक 14 करोड़ से ज्यादा लोगों को टीके लगाए जा चुके हैं। यह देश की कुल आबादी का करीब 11 प्रतिशत है।
इस वर्चुअल संवाद को एम्स दिल्ली के निदेशक डाॅ. रणदीप गुलेरिया और ख्यात चिकित्सक डाॅ. रणदीप गुलेरिया व एम्स के मेडिसिन विभाग के प्रमुख डाॅ. नवीत विज ने भी विचार रखे।