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जज बन बैठा क्लर्क, फर्जी साइन करके खुद ही निपटा दिए 105 मामले

Fri, 17 Feb 2017 04:17 PM IST
टीम डिजिटल/अमर उजाला, नई दिल्ली
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मुंबई की मैट्रोपोलिटिन अदालत में एक बड़ा अजीब किस्सा सामने आया है। जहां एक जज के क्लर्क ने खुद ही जज बनकर पेंडिंग पड़ी फाइलों पर फटाफट साइन कर डाले। 
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जज ने ऐसी ही एक फाइल पर अपने हस्ताक्षर देखे तो हैरत में पड़ गए, मामले की जांच की गई तो पता चला क्लर्क ने कुल 105 फाइलों पर साइन किए हैं। आरोपी के खिलाफ विभिन्न धाराओं में मुकदमे दर्ज कराए गए हैं। हालांकि क्लर्क से जब पूछताछ की गई तो उसका कहना था कि उसने जज का बोझ हल्का करने के लिए कुछ फाइलों को निपटा दिया। 

द मिरर की खबर के अनुसार बलार्ड की मैट्रोपोलिटिन कोर्ट के क्लर्क मारुति सालुंके के खिलाफ पुलिस ने फर्जी हस्ताक्षर करने के मामले में केस दर्ज कराया गया है। 
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क्लर्क की सफाई- फाइलों का बोझ कम करने का था इरादा

court shimla
एमआरए मार्ग थाने की पुलिस ने बताया कि शुरूआत जांच में पता चला है कि मारुति सालुंके ने एक निजी फाइनेंस कंपनी के चेकों से जुड़ी फाइल पर हस्ताक्षर किए हैं। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि कहीं किसी फाइनेंस कंपनी के कर्मचारी ने तो उसे ऐसा करने के लिए नहीं कहा।

ये फाइलें कोर्ट के कमरा नंबर 33 में रखी हुई थी। इस कमरे में कंपनी के बाउंस चेक रखे गए ‌थे। ये मामले बैंकिंग कंपनियां फाइल करती हैं और फिर मजिस्ट्रेट इन मामलों को आगे बढ़ाती हैं। 

पुलिस अधिकारी ने बताया कि मजिस्ट्रेट ने फाइलों के गट्ठर में सबसे ऊपर ऐसी फाइल देखी जिसमें उनके साइन थे। इसके बाद उन्होंने ऐसी कई और फाइलों को खंगालकर देखा तो सब पर उनके साइन थे। पुलिस जांच में पता चला कुल 105 फाइलों पर क्लर्क ने हस्ताक्षर किए हैं। वहीं आरोपी जज से पूछताछ की गई तो उसका कहना था सिर्फ जज की मदद और फाइलों का बोझ कम करने के लिए उसने यह काम किया है। इसके अलावा उसका कोई और इरादा नहीं था।
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