मिजोरम के 13 चर्च प्रमुखों ने चर्च के सदस्यों को योग से दूर रहने को कहा है। उनका कहना है कि इसका उपयोग ईसाइयों को धर्मपरिवर्तन कराने के लिए किया जा सकता है।
मिजोरम कॉहरान रुईटेट समिति (एमकेएचसी) के प्रमुख और मिजोरम सिनॉड ऑफ प्रेस्बीटेरियन चर्च के वरिष्ठ कार्यकारी सचिव रेव ललरैमलियाना पचुउ ने कहा कि चर्च के लिए योग कुछ ऐसा है जो ईसाइयों में नहीं माना जा सकता है। चर्चों के संगठन एमकेएचसी को सदस्यों के लिए संदेश देने को कहा गया है। एमकेएचसी, योग को ईसाई धर्म की शिक्षा और विश्वास के खिलाफ मानती है।
उन्होंने आगे कहा कि उन्हें एक धर्मनिरपेक्ष देश में योग को सरकार द्वारा आधिकारिक तौर पर मनाने में कोई आपत्ति नहीं है। एमकेएचसी की दो जून को हुई मीटिंग में यह हम इस निर्णय पर पहुंचे कि योग हिंदू संस्कार है, जो कि ईसाई धर्म में मिश्रित नहीं हो सकता है। योग किसी स्वास्थ्य में लाभदायक हो सकता है मगर यह ईसाईयों के अपने तरीकों से मेल नहीं खाता है।