फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

सरकार को सेबी से 4,000 करोड़ मिलने की उम्मीद, RBI से भी 13,000 करोड़ मांग चुका है केंद्र 

Sun, 04 Feb 2018 10:07 PM IST
एजेंसी, नई दिल्ली
विज्ञापन
SEBI
विज्ञापन

केंद्र सरकार राजकोषीय घाटा पूरा करने के लिए गैर कर राजस्व बढ़ाने की कवायद के तहत बाजार नियामक भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (सेबी) से 3,000-4,000 करोड़ रुपये का अधिशेष कोष प्राप्त करने की उम्मीद कर रही है। एक अधिकारी ने यह जानकारी दी।

विज्ञापन


सरकार भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) से 2016-17 के लिए लगभग 13,000 करोड़ रुपये के लाभांश की पहले ही मांग कर चुकी है। सेबी के पास दो तरह के कोष होते हैं। एक तो वह जुर्माने से प्राप्त करती है, जिसे नियमित तौर पर सरकार के पास जमा कराना होता है। दूसरा, वह शुल्क तथा अन्य फैसलों से कमाती है।

आर्थिक मामलों के सचिव एससी गर्ग ने बताया कि सेबी के पास पहले से ही अधिशेष राशि है। इसलिए उसे बैंकों में रखने की जगह सरकार को दे देना चाहिए। इसपर चर्चा हो रही है। यह राशि बहुत बड़ी नहीं है। यह रकम लगभग 3,000-4,000 करोड़ रुपये के आसपास है। 
विज्ञापन


आरबीआई द्वारा अतिरिक्त अधिशेष राशि स्थानांतरित किए जाने के बारे में पूछे जाने पर गर्ग ने कहा कि केंद्र सरकार ने आरबीआई को उसके पास पड़ी बाकी अधिशेष राशि को इसी वित्त वर्ष में सरकार को स्थानांतरित करने को कहा है। 

उन्होंने कहा कि हमने अधिशेष राशि के बाकी हिस्से को सरकार को स्थानांतरित करने को कहा है, जो लगभग 13,000 करोड़ रुपये के आसपास है। आरबीआई ने कुछ निश्चित सुझाव दिए हैं। इसके बारे में आरबीआई से चर्चा की जा रही है। राशि 31 मार्च से पहले स्थानांतरित होनी चाहिए।

उल्लेखनीय है कि आरबीआई ने जून 2017 में समाप्त हुए वित्त वर्ष के लिए बीते अगस्त माह में 30,659 करोड़ रुपये का लाभांश दिया था। यह 2015-16 में भुगतान किए गए 65,876 करोड़ रुपये के लाभांश का आधा है। केंद्र सरकार ने इस वित्त वर्ष के लिए अपने बजट में आरबीआई से 58,000 करोड़ रुपये के लाभांश का बजट तय किय है। 

विज्ञापन
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें