सोमवार को सुप्रीम कोर्ट के फैसले के खिलाफ पूरे देश में भारत बंद का आयोजन किया गया था। इस विरोध प्रदर्शन ने कई जगहों पर हिंसा का रूप ले लिया जिसकी वजह से 13 लोगों की मौत हो गई। राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड के अनुसार साल 2014 से 2016 के बीच में मध्यप्रदेश, हरियाणा, उत्तरप्रदेश और गुजरात में अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति के लोगों के खिलाफ अपराध बढ़े हैं। जिसके बाद देशभर में प्रदर्शन किया गया था जिसे कुछ राजनीतिक पार्टियों की तरफ से समर्थन मिला था। केंद्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में पुनर्विचार याचिका दाखिल कर अदालत ने अपने फैसले पर पुनर्विचार करने की दरख्वास्त की है।
किन राज्यों में बढ़े और घटे दलितों के खिलाफ होने वाले अपराध
राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड के अनुसार अनुसूचित जातियों और अनुसूचित जनजातियों के खिलाफ मध्यप्रदेश में 49, हरियाणा में 35, उत्तर प्रदेश में 29, गुजरात में 21 और केरला में 14 प्रतिशत मामले बढ़े हैं। वहीं झारखंड में 42, छत्तीसगढ़ में 32, बिहार में 28, राजस्थान में 25 और तमिलनाडु में 14 प्रतिशत तक अपराध में कमी आई है। पूरे भारत में दलितों के खिलाफ होने वाले अपराध में 1 प्रतिशत का इजाफा हुआ है।