भले ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अगुआई वाली दूसरी सरकार की दूसरे बजट की तैयारियां जोरों पर है, लेकिन वित्त मंत्रालय की बजट तैयार करने वाली टीम में दो प्रमुख अधिकारियों की कमी बनी हुई है। इसमें एक पूर्णकालिक व्यय सचिव शामिल हैं।
वित्त मंत्रालय ने 14 अक्तूबर से 2020-21 के बजट की तैयारियों की कवायद शुरू की थीं। पिछले महीने कई विभागों और मंत्रालयों के साथ बैठक हुई हैं। व्यय सचिव द्वारा अन्य सचिवों और वित्तीय सलाहकारों के साथ चर्चा के बाद ही बजट को अंतिम रूप दिया जाएगा।
आर्थिक सुस्ती को देखते हुए वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण के दूसरे बजट को खासा अहम माना जा रहा है। पिछले हफ्ते ही आरबीआई ने अपनी मौद्रिक नीति में 2019-20 के लिए अपने विकास अनुमान को 6.1 फीसदी से घटाकर पांच फीसदी कर दिया था।