मराठा आरक्षण को लेकर महाराष्ट्र सरकार कोई कसर बाकी नहीं रखना चाहती। इसको लेकर शनिवार को पूर्व अटॉर्नी जनरल मुकुल रोहतगी के साथ साथ राज्य के मंत्रियों ने मंथन बैठक कर कानून परामर्श लिया। सुप्रीम कोर्ट इस मामले में 17 मार्च को सुनवाई करेगा।
कांग्रेस नेता और पीडब्ल्यूडी मंत्री अशोक चव्हाण ने कहा, हम चाहते हैं कि हाईकोर्ट की तरह सुप्रीम कोर्ट में भी मराठा आरक्षण के पक्ष में फैसला आए। इसलिए वकील के साथ केस की समीक्षा की गई। इस मुद्दे पर सरकार का पक्ष मजबूती से रखने के लिए चव्हाण की अध्यक्षता में उपसमिति गठित की गई है।
बैठक में एनसीपी की ओर से श्रममंत्री वलसे पाटिल, शिवसेना के शहरी विकास मंत्री एकनाथ शिंदे, राज्य के महाधिवक्ता आशुतोष कुंभकोणी और विधि व न्याय विभाग के अधिकारी शामिल हुए।