26/11 हमले की जांच के लिए गठित राम प्रधान समिति को स्थानीय कनेक्शन के सुराग मिले थे, जिन्होंने आतंकियों की मदद की थी। आतंकी हमले के 10 साल बाद 26 नवंबर 2018 को एक इंटरव्यू में राम प्रधान ने स्वीकार किया था कि तत्कालीन केंद्रीय गृहमंत्री पी. चिदंबरम ने स्थानीय कनेक्शन का रिपोर्ट में जिक्र करने से रोका था, इसलिए रिपोर्ट में स्थानीय कनेक्शन का खुलासा नहीं किया गया।
दिग्विजय सिंह ने कहा था, पाकिस्तान ने नहीं किया था हमला
26/11 हमले के बाद कांग्रेस के वरिष्ठ नेता दिग्विजय सिंह ने आरएसएस पर हमला बोला था। उन्होंने कहा था कि मुंबई में आतंकवादी हमला पाकिस्तान ने नहीं बल्कि आरएसएस ने कराया था। उन्होंने पूर्व पुलिस अधिकारी एसएम मुश्रिफ की पुस्तक ‘हू किल्ड करकरे’ के विमोचन में यह बात कही थी।
वहीं, कांग्रेस ने भी मारिया की पुस्तक में 26/11 हमले को लश्कर के हिंदू आतंकवाद बताने के दावे पर सवाल उठाए हैं। कांग्रेस प्रवक्ता मनीष तिवारी ने पूछा है कि हमले के दौरान 2008 में वे मुंबई पुलिस में आला पद पर तैनात थे ऐसे में 2020 में किताब के माध्यम से ये खुलासा कर रहे हैं। उन्होंने इस बात को तब क्यों कि नहीं जांच रिपोर्ट, ट्रायल और अपील में उठाया था। उन्हें कोर्ट की कार्यवाई के दौरान इस थ्योरी को बताना था। यूपीए सरकार में ही आतंकी अजमल कसाब को फांसी दी गई थी।